दरोगा के बेटे ने पत्नी को घर में कैद कर रखा था। उसे खाना भी नहीं देता था। किसी तरह उसने मायके वालों को सूचना दी। पुलिस ने गेट का ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला।
आगरा के मोहन नगर (ट्रांस यमुना) में सेवानिवृत्त दरोगा का बेटा तीन दिन से पत्नी को घर में कैद कर कहीं चला जाता था। वह कमरे में ताला बंद कर देता था। मुख्य दरवाजे पर सेंट्रल लाॅक लगाता था। आरोप है कि ससुराली भी साथ दे रहे थे। बुधवार को मायके वालों की शिकायत पर पुलिस पहुंची। ताला तोड़कर विवाहिता को निकाला। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
नगला गंगा, अवागढ़, एटा निवासी नीरज देवी की शादी 6 मई 2011 को मोहन नगर निवासी आशीष से हुई थी। नीरज देवी के परिजन ने बताया कि बेटी के ससुर सत्यपाल सिंह सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर हैं। आरोप लगाया पति, सास-ससुर और देवर आए दिन मारपीट करते हैं।
महिला को बाहर लाते पुलिसकर्मी।
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एक बार गला दबाने तो दूसरी बार आंख फोड़ने की कोशिश की थी। आंख में गंभीर चोट आई थी। नीरज देवी ने बुधवार को मायके वालों को फोन किया। सूचना पर पीआरवी पहुंची। मंडी समिति चाैकी प्रभारी भी पहुंचे। एसीपी छत्ता हेमंत कुमार ने बताया कि महिला के कोई संतान नहीं है। ससुराल में उत्पीड़न किया जा रहा था। हथौड़े से दरवाजे का ताला तोड़ा गया, इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। महिला की तहरीर पर केस दर्ज किया जा रहा है।
फूट-फूटकर रोने लगी विवाहिता
एटा से नीरज देवी के परिवार के लोग बड़ी संख्या में आए थे। उन्होंने बेटी को निकालने का प्रयास किया। यह देखकर मोहल्ले के लोग भी जुट गए। तीन घंटे बाद नीरज देवी को घर से बाहर निकाला जा सका। बाहर आते ही बुआ सहित परिवार की अन्य महिलाओं को देखकर वह फूट-फूटकर रोने लगी। बताया कि पति तीन दिन से रोजाना उसे बंधक बनाकर चला जाता है। उसे भूखा-प्यासा भी रख रहे थे। मामले में पुलिस जांच कर रही है।