गेम के पॉर्ट, रिवार्ड प्वाइंट, एक्स्ट्रा फीचर्स
जांच में पता चला कि रकम कई ऑनलाइन गेमिंग की वेबसाइट के माध्यम से निकाली गई है। व्यापारी का बेटा एप्पल फोन चलाता है। उसने कई गेम डाउनलोड किए थे। इसमें कुछ गेम रुपये देने पर ही डाउनलोड किए जा सकते थे। इसी तरह गेम के पार्ट, रिवार्ड प्वाइंट और एक्स्ट्रा फीचर्स के लिए भी रकम खर्च की।
पांच से आठ हजार रुपये तक एक बार में जमा कराए। कई गेम ऐसे थे, जिनसे एक बार क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने पर दोबारा स्वत: ही रकम निकल रही थी। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि बेटा 12वीं का छात्र है। उसे पढ़ाई करने के लिए मोबाइल दिया था, जिससे ऑनलाइन नोट्स और टीचर्स से जानकारी ले सके। बेटे से मोबाइल ले लिया है। उसे समझाया गया है।
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गेम के लिए नहीं दे जानकारी
साइबर सेल के एक्सपर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान कई बार पेमेंट करना होता है। गेम की वेबसाइट और ब्राउजर पर एक बार डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने पर फीड हो जाती है। दोबारा गेम खेलने पर एक ओके से ही रकम निकल जाती है। इसलिए गेम खेलने के लिए कभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं डालनी चाहिए। अगर, बच्चा मोबाइल पर ज्यादा देर तक गेम खेलता है तो नजर रखें। उसकी काउंसिलिंग कराएं।