फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रेडिट कार्ड का बिल देखकर उड़े पिता के होश, ऑनलाइन गेम में बेटे ने उड़ा दी हजारों की रकम

Sun, 21 Jun 2020 12:16 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • गेम के लिए नहीं दे जानकारी
  • क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट किया
  • मोबाइल से ओटीपी के मेसेज भी डिलीट किए
विज्ञापन
Mobile Game
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक व्यापारी के बेटे ने ऑनलाइन गेम खेलने के लिए पिता के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया। मोबाइल पर गेम डाउनलोड करके पेमेंट कर दिया। इसके बाद रिवार्ड प्वाइंट और एक्सट्रा फीचर्स के लिए रकम कटवाता रहा। दो महीने में 84 हजार रुपये से कई ऑनलाइन गेम खेल लिए। इतना ही नहीं पिता से बचने के लिए बैंक के रजिस्टर्ड नंबर वाले मोबाइल से ओटीपी के मेसेज भी डिलीट कर दिए। व्यापारी को रकम निकलने का पता चला तो साइबर सेल में शिकायत की। मामले की जांच की गई तो हकीकत सामने आ गई। 
विज्ञापन


व्यापारी सिकंदरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। छह दिन पहले उन्हें पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट किया गया है। तकरीबन 84 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। इस पर साइबर सेल में शिकायत की। उन्होंने बताया कि क्रेडिट कार्ड का नंबर और पिन किसी व्यक्ति को शेयर नहीं किया है।

'कोख के सौदागर' सहित पांच गिरफ्तार, जुड़वा सहित तीन शिशु बरामद, नेपाल से जुड़े तार
विज्ञापन


इसके बावजूद रकम कैसे निकल गई? इस पर साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी। जांच में एक मोबाइल का आईपी एड्रेस सामने आया। इस आईपी से मोबाइल नंबर मिल गया, जिसे व्यापारी का बेटा ही चला रहा था। बेटे के रुपये निकालने के बारे में पता चलने पर व्यापारी ने अधिकारियों को लिखकर दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। 
 
विज्ञापन

डेमो - फोटो : डेमो
गेम के पॉर्ट, रिवार्ड प्वाइंट, एक्स्ट्रा फीचर्स 
जांच में पता चला कि रकम कई ऑनलाइन गेमिंग की वेबसाइट के माध्यम से निकाली गई है। व्यापारी का बेटा एप्पल फोन चलाता है। उसने कई गेम डाउनलोड किए थे। इसमें कुछ गेम रुपये देने पर ही डाउनलोड किए जा सकते थे। इसी तरह गेम के पार्ट, रिवार्ड प्वाइंट और एक्स्ट्रा फीचर्स के लिए भी रकम खर्च की।

पांच से आठ हजार रुपये तक एक बार में जमा कराए। कई गेम ऐसे थे, जिनसे एक बार क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने पर दोबारा स्वत: ही रकम निकल रही थी। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि बेटा 12वीं का छात्र है। उसे पढ़ाई करने के लिए मोबाइल दिया था, जिससे ऑनलाइन नोट्स और टीचर्स से जानकारी ले सके। बेटे से मोबाइल ले लिया है। उसे समझाया गया है। 

यूपीः जेल भेजे 'कोख के सौदागर', सरगना है नेपाल की अस्पताल संचालिका

गेम के लिए नहीं दे जानकारी 
साइबर सेल के एक्सपर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान कई बार पेमेंट करना होता है। गेम की वेबसाइट और ब्राउजर पर एक बार डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने पर फीड हो जाती है। दोबारा गेम खेलने पर एक ओके से ही रकम निकल जाती है। इसलिए गेम खेलने के लिए कभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं डालनी चाहिए। अगर, बच्चा मोबाइल पर ज्यादा देर तक गेम खेलता है तो नजर रखें। उसकी काउंसिलिंग कराएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें