आगरा। कमला नगर थाना क्षेत्र के एफ ब्लाक में रहने वाले दंत चिकित्सक पीयूष सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पिता महिपाल सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से थाने में तहरीर दी। इसमें गोरखपुर की युवती, उसके पिता, दोस्त पर बेटे के मानसिक उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की आत्महत्या के लिए पुलिस की लापरवाही भी जिम्मेदार है। कमला नगर के एफ ब्लाक निवासी दंत चिकित्सक पीयूष सिंह ने कानपुर के महाराणा प्रताप मेडिकल काॅलेज से बीडीएस किया था। इसके बाद इंटर्नशिप कर रहे थे। एक क्लीनिक पर भी मरीज देखते थे। वह 6 महीने पहले घर आ गए थे।
शनिवार रात को वह अपने कमरे में फर्श पर पड़े मिले। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। मगर मृत घोषित कर दिया गया। उनके कमरे से एक सिरिंज और एनस्थीसिया का इंजेक्शन बरामद हुआ था। इसे पुलिस ने कब्जे में लिया था। पुलिस का कहना है कि आशंका है कि सर्जरी के दाैरान प्रयोग होने वाले इंजेक्शन को लगाकर पीयूष सिंह ने आत्महत्या कर ली।
घटना से परिवार सदमे में है। पिता ने अपने अधिवक्ता यशवर्धन आर्या के माध्यम से तहरीर दी। आरोप लगाया कि पीयूष की मृत्यु किसी सामान्य परिस्थिति में नहीं हुई है। गोरखपुर की रहने वाली युवती, उसके पिता और दोस्त की ओर से बेटे को धमकी दी जा रही थी। उत्पीड़न, झूठी शिकायतों, सामाजिक बदनामी और पुलिस की लापरवाही के प्रत्यक्ष परिणामस्वरूप हुई है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पर उठाए सवाल
उन्होंने अपनी तहरीर में लिखा है कि 17 नवंबर को पीयूष स्वयं थाने व चाैकी गए थे। मगर पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। युवती का पूर्व दोस्त पीयूष को धमका रहा था। तहरीर में लिखा कि 1090 पर उनके अधिवक्ता के खिलाफ भी झूठी शिकायत की गई, जिससे वह कानूनी सहायता से वंचित हो जाएं। पुलिस के संज्ञान नहीं लेने की वजह से पीयूष पूरी तरह टूट चुके थे। इस वजह से उन्होंने 22 नवंबर को आत्महत्या कर ली।
तहरीर में यह भी लिखा कि उनकी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया। प्राथमिक जांच तक नहीं की गई। उन्हें कुछ लिखकर भी नहीं दिया गया। युवती और उसके पिता को पूछताछ के लिए भी नहीं बुलाया गया। शिकायत की कोई जीडी एंंट्री भी नहीं की गई। उन्होंने आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस खंगाल रही व्हाट्सएप चैट
पुलिस पीयूष के व्हाट्सएप चैट का डाटा खंगाल रही है। बहन क्षमा का कहना है कि युवती पीयूष को मैसेज करती थी। उसके परिवार के लोग भी धमकी दे रहे थे। इस बारे में पीयूष ने पुलिस से झूठी शिकायत हो जाने के बाद बताया था। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्हें सजा दिलाए। अब भी पुलिस सिर्फ जांच की बात कर रही है।