बटेश्वर के मंदिर पूजा करते श्रद्घालु (फाइल फोटो)
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सोमवार को 20 साल बाद सोमवती और हरियाली अमावस्या का दुर्लभ योग है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इससे पहले 31 जुलाई 2000 में दोनों एक साथ थीं। सोमवार को पंच ग्रहों का भी योग बन रहा है। चंद्रमा, बुध, गुरु, शुक्र और शनि अपनी अपनी राशि में रहेगें। यह मिथुन, कर्क, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए शुभ रहेगा।
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर बताया कि रविवार मध्य रात्रि से सोमवार रात्रि 11 बजे तक अमावस्या तिथि रहेगी। अमावस्या के दिन शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा और जलाभिषेक का विशेष पुण्यफल प्राप्त होगा।
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बटेश्वर मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि कोरोना के कारण अमावस्या पर मंदिर के पट बंद रहेंगे। तीर्थ स्थल ट्रस्ट समिति बटेश्वर के ध्रुव कुमार शर्मा ने मंदिर के पट बंद होने की जानकारी देते हुए भोले के भक्तों से बटेश्वर न आने का आह्वान किया है।
पितरों की तृप्ति को रोपें पौधे, बदलेगी किस्मत
हरियाली अमावस्या के दिन पौध रोपण से पितरों को तृप्ति मिलती है। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि लक्ष्मी प्राप्ति के लिए तुलसी, आंवला, बेल, सौभाग्य के लिए अशोक, अर्जुन, नारियल, बरगद, संतान सुख के लिए पीपल, नीम, बेल, अश्वगंधा, गुड़हल, बुद्धि के लिए शंखपुष्पी, ब्रह्मी, तुलसी, सुख के लिए नीम, कदम, आंवला, तुलसी के पौधे लगाने चाहिए।
किसान परिवार पूजेंगे हल
हरियाली अमावस्या पर अच्छी फसल की कामना के लिए हल पूजे जाने की परंपरा है। बाह क्षेत्र के गांव देहात के किसान सोमवार को अपने हल, हसिया, कुदाल, फावड़ा आदि कृषि कार्य में प्रयोग होने वाले औजारों की साफ सफाई कर पूजन करेंगे।
सावन शिवरात्रि: चढ़ाया जल, किया रुद्राभिषेक
रविवार को सावन शिवरात्रि पर बटेश्वर के ब्रह्मलाल जी मंदिर में पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी, अशोक गोस्वामी, राकेश वाजपेयी ने रुद्राभिषेक किया। जबकि गोपालपुरा में जलाभिषेक के साथ लोगों ने भोलेनाथ का विशेष अनुष्ठान किया गया। बाह, जैतपुर, पिनाहट क्षेत्र में भी लोगों ने भगवान शिव की आराधना की। घर-घर महादेव की पूजा और जलाभिषेक भक्तों ने किया।