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कहीं बाजार बंदी, कहीं हुआ विरोध

Tue, 07 Jul 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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यूपी उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के पूर्व घोषित आगरा बंद के तहत अधिवक्ताओं ने सोमवार सुबह उग्र प्रदर्शन किया। शहर में कई जगह बाजार बंदी कराई गई। हाईवे पर भी जाम लगाया गया।
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सभी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सुबह साढ़े छह बजे दीवानी कचहरी के गेट नंबर एक पर एकत्रित हुए। प्रभात फेरी निकाली। दीवानी के गेट को बंद कर दिया। न्यायिक कार्य ठप कर दिया। सबसे पहले नगला पदी का बाजार बंद कराया। इसके बाद सेंट जोंस और राजामंडी का बाजार बंद कराने पहुंचे। राजामंडी में कुछ दुकानें ही खुल पाई थीं। अधिवक्ताओं का सहयोग करते हुए दुकानदारों ने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। इसके बाद एमजी रोड, संजय प्लेस, किनारी बाजार, घटिया, बेलनगंज, फुव्वारा, रावतपाड़ा, बिजलीघर, लोहामंडी का बाजार बंद कराया गया। उधर, सुबह साढ़े नौ बजे नरेंद्र शर्मा, वीरेंद्र फौजदार, उमेश यादव के नेतृत्व में ट्रांस यमुना कॉलोनी के सामने नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा किया। आसपास का बाजार भी बंद कराया गया। देहात के फतेहपुर सीकरी में राजवीर सिंह, बाह मेें मचल सिंह तोेमर, कागारौल में अजय चाहर, खेरागढ़, फतेहाबाद, किरावली, एत्मादपुर सहित सभी तहसीलों में तालाबंदी की गई। न्यायिक कार्य ठप रखा। बंद में भाजपा, बसपा, पीस पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और कांग्रेस पार्टी ने सहभागिता की। यादव महासभा के जिलाध्यक्ष बनवारीलाल यादव के नेतृत्व ने खंदारी, सिकंदरा का बाजार बंद कराया। प्रदर्शन में अरुण पचौरी, नितिन वर्मा, बृजेंद्र बघेल, ओपी सिंह, रमेश कुमार वर्मा, कृपाल सिंह वर्मा, एपी भारद्वाज, इश्तियाक बेग, नरेंद्र कुलश्रेष्ठ, नित्य किशोर पचौरी, बलवीर सिंह नौहवार आदि मौजूद रहे।
उधर, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत, लोकेंद्र शर्मा, अशोक चौबे के नेतृत्व में एमजी रोड पर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया गया।
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शाह मार्केट के दुकानदारों से हुआ विवाद
शाह मार्केट में अधिवक्ता दुकान बंद कराने पहुंचे। यहां कुछ दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर लिए। कुछ दुकानदारों के यहां कूरियर से माल आया था। इस कारण उन्होंने प्रतिष्ठान बाद में बंद करने को कहा। इस पर कुछ अधिवक्ताओें ने हंगामा शुरू कर दिया। एक दुकान पर पत्थर फेंक दिया गया, जिससे शीशा टूट गया। इससे दुकानदार भड़क गए। उनका वकीलों से विवाद हो गया। बाजार के अन्य दुकानदार भी बाहर निकल आए। दुकानदारों ने अधिवक्ताओं को खदेड़ दिया। हंगामा होने पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।

वर्जन
- आगरा बंद जैसे बड़े कार्यक्रम के लिए सभी अधिवक्ताओं, राजनैतिक दल, सामाजिक संगठन, व्यापारिक, शैक्षणिक और मजदूर संगठनों के अलावा आम जनता का सहयोग जरूरी होता है। जो शायद इस बार नहीं मिल पाया। फिर भी प्रयास करना अच्छी बात है।
अचल शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता

- अधिवक्ताओं ने कई माह से जनता के बीच जाकर सभाओं व बैठकोें के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया है। आगरा बंद की सफलता असफलता पर न जाकर हमने हाईकोर्ट बेंच की आवाज आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
गजेंद्र शर्मा ‘बाबा’, अध्यक्ष जनपद बार


- आगरा बंद जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा व रणनीति सभी बार, राजनैतिक, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ उनकी भागीदारी तय करके की जानी चाहिए। लेकिन, ऐसा प्रयास शायद कम हो पाया है।
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दुर्ग विजय सिंह भैया, महासचिव ग्रेटर बार आगरा
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