प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का ठेका लेने वाले धीरज की गिरफ्तारी के बाद आगरा में उसके गिरोह से जुड़े साथियों की तलाश एसटीएफ कर रही है। परीक्षाओं का ठेका लेने वाले आगरा और मथुरा के पांच लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। अब एसटीएफ को गिरोह के इन सदस्यों की तलाश है। हालांकि अभी तक कोई हाथ नहीं आ सका है।
एसटीएफ ने शाहगंज क्षेत्र से शनिवार को धीरज (निवासी गांव जावरा थाना मांट, मथुरा) को गिरफ्तार किया था। उसके बैंक खातों से लाखों रुपये का लेनदेन मिला। आरोपी के पास से आंबेडकर विश्वविद्यालय के मुहर व हस्ताक्षरित अंक तालिकाएं, केंद्रीय विद्यालय के जारी पांच प्रवेशपत्र आदि महत्वपूर्ण प्रपत्र बरामद किए गए थे।
एसटीएफ की पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों में श्याम चौधरी निवासी महर्षिपुरम सिकंदरा, मोहन जाटव निवासी बल्देव मथुरा, मोनू शर्मा और रामू निवासी नौहझील मथुरा, जीतू निवासी गांव जावरा मांट मथुरा के नाम सामने आए हैं। एसटीएफ अब उनकी तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक कोई हाथ नहीं आया है।
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केवल गुर्गे ही पकड़े जा सके
आगरा में अग्निवीर की भर्ती परीक्षा से लेकर रेलवे व एसएससी की प्रवेश परीक्षाओं में सॉल्वर और फर्जी फिंगर प्रिंट बनाने वाले गिरोह तक पकड़े जा चुके हैं। सॉल्वरों ने ऑनलाइन परीक्षाओं में भी सेंध लगाना शुरू कर दिया है। दो माह पहले सैंया पुलिस ने फर्जी फिंगर प्रिंट बनाकर परीक्षा दिलाने वाले गिरोह के सदस्यों को जेल भेजा था।
ये बोले पुलिस कमिश्नर
उन्होंने कई परीक्षाओं में फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का खुलासा किया था, लेकिन गैंग के सदस्यों के बाद अभी तक कोई फर्जी तरीके से भर्ती हुआ व्यक्ति नहीं पकड़ा जा सका। इसी तरह रेलवे की ऑनलाइन परीक्षा में भी एत्मादपुर में फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया था। आगरा में अग्निवीर भर्ती परीक्षा में भी सॉल्वर गैंग के सदस्य पकड़े जा चुके हैं। पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि पुलिस अब तक इस तरह के कई गिरोह पकड़ चुकी है। परीक्षाओं के दौरान सतत निगरानी रखी जाती है।