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एसएन: 2012 से पढ़े डॉक्टरों के रिकाॅर्ड खंगाले, बनाई जा रही सूची

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आगरा। आतंकी गतिविधि के बाद अब धर्मांतरण मामले में एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र की संलिप्तता मिली है। एसटीएफ ने कॉलेज प्रशासन से डॉ. रमीज के शैक्षणिक रिकॉर्ड तलब किए हैं। साथ ही 2012 से 2025 तक यूजी और पीजी के सभी छात्रों के रिकाॅर्ड भी मांगे हैं।
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केजीएमयू, लखनऊ में धर्मांतरण मामले की जांच एसटीएफ ने आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भी शुरू कर दी है। दो सदस्यीय टीम ने एसएन जाकर डॉ. रमीज के बारे में पूछताछ की। कॉलेज प्रशासन ने धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीज के बारे में बताया कि उसने एसएन मेडिकल कॉलेज से 2012-17 में एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। वह हॉस्टल में रहता था।
एसटीएफ ने कॉलेज प्रशासन से पूछा है कि 2012-17 के बीच डॉ. रमीज से जुड़ी कोई विवाद या अन्य किसी तरह की कोई घटना तो नहीं हुई। व्यवहार और गतिविधियां कैसी थीं। एसटीएफ ने कॉलेज प्रशासन से डॉ. रमीज के अलावा 2012-2025 तक के एमबीबीएस और परास्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्रों के नाम, पता, फोन नंबर समेत अन्य विवरण मांगा है। 13 साल के यूजी और पीजी छात्रों का डाटा बनाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने एक कमेटी बना दी है। विवरण तैयार होने के बाद एसटीएफ को भेजा जाएगा।
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परवेज और रमीज के संबंधों की भी जांच
- दिल्ली बम धमाके का आरोपी डॉ. परवेज अंसारी भी एसएन मेडिकल कॉलेज का पूर्व छात्र था। उसने 2012-15 में एसएन से एमडी की पढ़ाई की थी। उसने छह महीने तक यहां चिकित्सकीय सेवाएं भी दी थीं। आतंकी घटना की जांच करते समय जांच एजेंसी को जानकारी मिली थी कि परवेज से मिलने के लिए अलीगढ़ से लोग ज्यादा आते थे। वह हॉस्टल के कमरा नंबर 23 में रहता था। डॉ. रमीज ने 2012-17 तक एमबीबीएस की थी। दोनों हॉस्टल में रहते थे। ऐसे में जांच एजेंसियों को डॉ. परवेज और डॉ. रमीज के बीच संबंध होने की भी आशंका है। जांच एजेंसी दोनों के तार खंगाल रहा है। जांच एजेंसियां इन दोनों से संपर्क रखने वाले चिकित्सकों की भी जानकारी जुटा रही है।
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