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एसएन मेडिकल कॉलेज: वार्ड में नहीं थी नर्स, जूनियर डॉक्टर ने चैंबर में क्यों की बालिका की जांच...उठे ये सवाल

Sat, 14 Sep 2024 09:53 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

एसएन मेडिकल कॉलेज में 11 साल की मासूम के साथ जूनियर डॉक्टर ने चैंबर में ले जाकर गंदी हरकत की। इस मामले में समिति द्वारा जांच की जा रही है। कई महत्वपूर्ण सवाल भी उठाए जा रहे हैं। 
 
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बच्ची सांकेतिक - फोटो : freepik
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विस्तार
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में लिंग उत्पीड़न समिति (जेंडर हैरेसमेंट कमेटी) को बालिका से छेड़छाड़ की जांच में चिकित्सकीय स्टाफ की लापरवाही मिली है। पाया गया कि स्टाफ नर्स वार्ड में नहीं थी। डॉक्टर वार्ड में मरीज की जांच कर सकते थे, उन्होंने अपने चैंबर में जांच क्यों की। समिति ने ऐसे सवाल उठाए और वह उसकी रिपोर्ट भी बना रही है। अभी जांच पूरी नहीं हो सकी है। आरोपी चिकित्सक डॉ. दिलशाद हुसैन बरेली के थाना हाफिजगंज क्षेत्र का रहने वाला है।
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समिति ने वार्ड में रात की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, वार्ड बॉय, सफाईकर्मी, स्टाफ नर्स और वार्ड में भर्ती मरीज-उनके तीमारदारों के बयान दर्ज कर लिए हैं। समिति ने स्टाफ से यह भी पूछा कि डॉक्टर ने अगर अपने चैंबर में बालिका की जांच की तो बालिका के परिजन साथ में मौजूद क्यों नहीं थे। वार्ड और गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरे में बालिका चैंबर में जाती दिखी है। चैंबर में सीसीटीवी कैमरा नहीं है, ऐसे में अंदर क्या हुआ, इसकी जानकारी समिति को नहीं मिल सकी।

अनुशासन समिति और आंतरिक समिति ने भी बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव समेत अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ बैठक कर मामले की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें यह सामने आया है कि बालिका की जांच करते वक्त अस्पताल के स्टाफ में से कोई सदस्य मौके पर नहीं था।

 

प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि समितियां सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट बना रही हैं। अभी रिपोर्ट आना बाकी है, इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। भविष्य में ऐसी किसी भी घटना से बचने के लिए अनुशासन और आंतरिक समिति भी जांच कर रिपोर्ट देगी।
 
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बालिका का ढाई साल पहले भी बाल रोग में हुआ था इलाज
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में जिस बालिका ने चिकित्सक डॉ. दिलशाद हुसैन पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उसका ढाई साल पहले भी इसी बाल रोग विभाग में इलाज हुआ था। वह भर्ती हुई और ठीक होने पर परिजन ने डॉक्टरों का आभार भी जताया था। बालिका ने 10 सितंबर की रात आरोप लगाया था। कॉलेज प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर दिया है। परिजन ने बताया कि जहां पिछली बार डॉक्टरों की तारीफ की थी, अब वहीं एक डॉक्टर ने बेटी के साथ ऐसी हरकत कर दी है।
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