एसएन कॉलेज की ओपीडी ते हॉल में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। एसएन में सोमवार को रिकाॅर्ड 4,353 मरीज पहुंचे। इस वजह से ओपीडी डेढ़ घंटे अतिरिक्त चली।
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को रिकाॅर्ड 4,353 मरीज आए। इससे हॉल ठसाठस भर गया। पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा। उमस-गर्मी और धक्कामुक्की से मरीजों की हालत बिगड़ गई। मरीजों की भीड़ को देखते हुए डेढ़ घंटे अतिरिक्त ओपीडी चली।
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सोमवार को ओपीडी में 3,278 नए और 1075 फॉलोअप के मरीज रहे। अभी तक ओपीडी में अधिकतम 3500 मरीजों का ही आंकड़ा था। सुबह 9 बजे से ही हॉल ठसाठस भर गया। पर्चे के लिए मरीजों की परिसर के बाहर तक लाइन लग गई। गर्मी और उमस ने मर्ज और बढ़ा दी। धक्कामुक्की होेने से बुजुर्ग और महिला मरीजों की हालत खराब हो गई और परेशान होकर किनारे बैठ गए।
इस पर गार्ड आए और व्यवस्था संभाली। ओपीडी प्रभारी डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि एसएन में इलाज, जांच समेत कई सुविधाएं शुरू होने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहली बार मरीजों का आंकड़ा चार हजार को पार कर गया। मरीजों की भीड़ को देखते हुए डेढ़ घंटे अतिरिक्त 3:30 बजे तक मरीज देखे गए।
गर्मी में परेशान हुए मरीज
हॉल में कूलर-पंखों की कमी है। एसी भी नहीं लगे हैं। इससे मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। गर्मी में मरीजों की संख्या डेढ़ गुना होने पर भी कॉलेज प्रशासन ने इसकी व्यवस्था नहीं की है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कूलर बढ़ाए जा रहे हैं। एसी भी लगवाए जाएंगे, इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मरीजों ने बयां किया दर्द
कुबेरपुर के दिनेश यादव ने बताया कि पत्नी को त्वचा की एलर्जी की परेशानी पर दिखाने आया। सुबह 9:30 बजे से लाइन में लगने के बाद करीब 12 बजे पर्चा बन पाया। गर्मी और धक्कामुक्की से हालत ही खराब हो गई। अकोला के देवेंद्र चाहर ने बताया कि मां के घुटनों में दर्द की परेशानी पर दिखाने आया। पर्चे के लिए दो-ढाई घंटे लाइन में लगना पड़ा। उमस, गर्मी के कारण घबराहट होने लगी। जैसे-तैसे पर्चा बन पाया। यहां काउंटर बढ़ाने चाहिए।
वायरल बुखार, एलर्जी के सबसे ज्यादा मरीज
ओपीडी में सबसे ज्यादा वायरल बुखार और त्वचा रोग के मरीज आए। मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण तेज बुखार, सिर-मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी की शिकायत अधिक मिल रही है। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि बच्चों में पीलिया, पेट दर्द, बुखार, डायरिया की दिक्कत बढ़ी है। इनके दो गुना तक मरीज हैं।