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UP: जहरीली धुंध की चपेट में आगरा...चिकित्सकों ने दी बेवजह घर से न निकलने की सलाह, 300 के पार पहुंचा एक्यूआई

Fri, 25 Oct 2024 05:32 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में की हवा में भी जहर घुल रहा है। इस सीजन में पहली बार संजय प्लेस के आसपास हवा की गुणवत्ता तय करने वाला एयर क्वालिटी इंडेक्स 303 पर पहुंच गया है। दिल्ली की तरह पूरे दिन स्मॉग की चादर छाई रही। इससे बुजुर्ग, अस्थमा रोगियों, सांस के रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

 
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जहरीली धुंध की चपेट में आगरा - फोटो : अमर उजाला, आगरा
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विस्तार
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आगरा लगातार दूसरे दिन शहर की हवा में प्रदूषण का जहर घुला रहा। संजय प्लेस की हवा सबसे खराब रही, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 303 पर पहुंच गया। धूल और धुआं के संगम से लोगों की सांस उखड़ रही है, जिससे एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के साथ निजी अस्पतालों में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक बृहस्पतिवार को आगरा का एक्यूआई 156 रहा, लेकिन आगरा के 6 मॉनिटरिंग सेंटरों में से संजय प्लेस में सबसे ज्यादा प्रदूषण रिकॉर्ड किया गया। संजय प्लेस में एक्यूआई 303 पर पहुंच गया। यहां सूक्ष्म कण पीएम-2.5 कणों की संख्या 389 माइक्रोग्राम तक पहुंच गई। संजय प्लेस में लगातार दूसरे दिन एक्यूआई 303 दर्ज किया गया है। व्यावसायिक केंद्र होने के साथ यहां वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण ज्यादा है।

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खांसी, सीने में जकड़न, फूल रही सांस
303 तक पहुंचे एक्यूआई के कारण सांस रोगियों की संख्या दो दिनों में बढ़ी है। धूल-धुआं नलिकाओं का संक्रमित कर रहा है। इससे खांसी, खराश, सीने में जकड़न और सांस फूल रही है। आंखों में जलन और नाक की एलर्जी भी बढ़ गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन और वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में 30 फीसदी से अधिक मरीज बढ़ गए हैं। वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि दिवाली के चलते साफ-सफाई, खरीदारी के लिए वाहनों का उपयोग बढ़ने से धूल-धुआं अधिक हो रहा है। मौसम में नमी के कारण धुंध भी है। इससे नलिकाओं में सूजन आ रही है। सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

 

हर दिन 5 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा
दमा और सांस रोगियों को तेज खांसी, सीने में भारीपन, सांस भी उखड़ रही है। इसके चलते इमरजेंसी में रोजाना 3-5 गंभीर हाल में भर्ती करने पड़ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि वातावरण में कार्बन तत्व की अधिक मात्रा हो गई है। इससे आंखों में जलन, गले में खराश, नाक में एलर्जी हो रही है। नेत्र रोग विभाग के डॉ. तिरुपति नाथ ने बताया कि धूल-कार्बन के तत्व आंखों में जाने से जलन, खुजली, करकराहट, पानी आना, लाल होने की परेशानी अधिक मिल रही है। लोगों को दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी बता रहे हैं।

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इन बातों का रखें ख्याल:
- कम दूरी के लिए पैदल चलें, साइकिल इस्तेमाल करें।
- सुबह-शाम खिड़की बंद रखें, बेवजह बाहर घूमने से बचें।
- आसपास छिड़काव करें। धूल-धुआं वाले क्षेत्र में मास्क लगाएं।
- सांस लेने में परेशानी पर दमा मरीज इन्हेलर की डोज बढ़वा लें।
- बाहर जाते वक्त चश्मा लगाएं। आंखों को रगड़ें नहीं।
- आंखों में करकराहट होने पर साफ पानी से धाेएं।

 
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शहर में प्रदूषण का ये हाल
केंद्र एक्यूआई
संजय प्लेस 303
मनोहरपुर 177
शाहजहां पार्क 170
रोहता 134
सेक्टर 3 बी 123
शास्त्रीपुरम 119
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