प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्मार्ट सिटी योजना के तहत आगरा का चयन होने के बाद अब स्मार्ट सिटी की ओर पहला औपचारिक कदम मंगलवार को बढ़ाया गया। कमिश्नर की अध्यक्षता में योजना के तहत पहली बैठक हुई। हालांकि इस बैठक में भारत सरकार और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों ने भाग नहीं लिया लेकिन पहली बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) और कंपनी एक्ट के तहत कंपनी का गठन पहले ही हो चुका था। आगरा स्मार्ट सिटी लिमिटेड की पहली बैठक में कंपनी के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स का प्रस्ताव नगर आयुक्त (कंपनी के सीईओ) ने रखा। कंपनी के बोर्ड में निदेशकों की अधिकम सीमा 15 होगी लेकिन फिलहाल एडीए वीसी अजय यादव, शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार के अभिषेक विश्वास, क्षेत्रीय निदेशक नगर एवं पर्यावरण केंद्र के अवधेश कुमार गुप्ता, मुख्य अभियंता दक्षिणांचल देवेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता यूपी जल निगम राकेश कुमार, संयुक्त नियोजक नगर एवं ग्राम नियोजन अनूप कुमार श्रीवास्तव को शामिल किया गया। बैठक में कंपनी की मुहर, एड्रेस का अनुमोदन किया गया। बैठक में कुल 24 प्रस्ताव रखे गए हैं, जिन्हें बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान कर दी।
आठ पीएमसी की होगी नियुक्ति
कंपनी के गठन के साथ ही योजना के लिए आठ एक्सपर्ट का गठन किया जाना है। इनमें मुख्य रूप से अरबन इंफ्रास्ट्रेक्चर एक्सपर्ट, कंस्ट्रक्शन मैनेजर, पीपीपी कम फाइनेंसियल एक्सपर्ट, कांट्रेक्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट, अरबन ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट, आईसीटी एक्सपर्ट, रिसर्च एसोसिएट्स और आफिस एसिस्टेंट की नियुक्ति होगी।
नगर आयुक्त को दी सीए और सीएस नियुक्त करने का अधिकार
आगरा। स्मार्ट सिटी के बोर्ड आफ डायरेक्टर ने नगर आयुक्त को ही कंपनी सेक्रेटरी और सीए की नियुक्ति का अधिकार दे दिया है। चूंकि नगर आयुक्त की स्मार्ट सिटी योजना के तहत गठित कंपनी आगरा स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ होंगे इसलिए उनके अधिकार भी असीमित होंगे। योजना के तहत होने वाले कार्यों की जिम्मेदारी नगर आयुक्त की होगी।