स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट लेट करने और लापरवाही बरतने पर चार कंपनियों के खिलाफ 4.72 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़े सीसीटीवी कैमरे लगाने में देरी के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड पर यह जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा प्रदूषण संबंधी मामलों में धूल नियंत्रण के उपाय न करने पर चार कंपनियों पर भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
आगरा स्मार्ट सिटी के सीईओ निखिल टी. फुंडे ने सीसीटीवी कैमरे लगाने में देरी करने पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड पर 1.62 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले कंपनी पर 28 लाख रुपये का जुर्माना लग चुका है। इस तरह बीईएल को 1.90 करोड़ रुपये जुर्माने के जमा कराने होंगे। फतेहाबाद रोड पर चल रहे प्रोजेक्ट में देरी के लिए स्मार्ट सिटी ने देव कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोंका है। देव कंस्ट्रक्शन पर पहले भी 3.72 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है।
पाइप लाइन में देरी पर हर दिन 10 हजार जुर्माना
जीवनी मंडी से ताजगंज के बीच बिछाई जा रही 1200 मिमी की पाइप लाइन के काम में एसबी एंटरप्राइजेज देरी कर रहा है। ऐसे में कंपनी के खिलाफ 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी को कहा गया है कि देरी पर हर दिन 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, इसलिए 1200 मिमी की पाइप लाइन तय समय पर बिछाएं। पाइप लाइन के लिए जनवरी तक की मियाद है, वहीं ताजगंज में स्मार्ट मीटर लगाकर पानी देने की योजना मई 2021 तक पूरी करनी होगी।