स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में स्मार्ट सिटी के तहत लगाए गए कैमरे (तीसरी आंख) यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की जो तस्वीरें भेज रहे हैं, उनसे 12 महीने में ही 79,592 वाहनों के ई-चालान कट चुके हैं। इन वाहनों के स्वामियों को 7.41 करोड़ रुपये का जुर्माना चालान के रूप में जमा करने के लिए भेजा गया है। पुलिस मौजूद हो या न हो, चालान कटते रहते हैं। यातायात नियम तोड़ने वाले लोगों को इसका पता तब चलता है जब घर पर फोटो सहित चालान पहुंचता है।
चौराहों पर लाल बत्ती को पार करने, हेलमेट न पहनने, तीन सवारी, सीट बेल्ट न लगाने, जेब्रा क्रॉसिंग को पार करने जैसे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर स्मार्ट सिटी के कैमरों की पैनी नजर है। इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के कैमरों ने सबसे ज्यादा चालान जून, जुलाई और दिसंबर के महीने में किए हैं। लॉकडाउन की अवधि में भी सड़क पर अप्रैल और मई में 8500 से ज्यादा वाहनों का चालान किया गया था।
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फर्जी नंबर प्लेट वाले बने मुसीबत
ट्रैफिक पुलिस के पास छह महीने में 82 ऐसी शिकायतें पहुंची है जिसमें ट्रैफिक नियम किसी ने तोड़ा जबकि चालान किसी और का कट गया। यह इसलिए हुआ क्योंकि नियम तोड़ने वालों के वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट थीं। इन्होंने जिन वाहनों के नंबर लगा रखे थे, उनके स्वामियों के घर चालान पहुंच गए।
एक नहीं, अब कई बार चालान
अगर कोई हेलमेट न पहने हो या सीट बेल्ट न लगाए हो तो चालान सिर्फ एक बार नहीं बल्कि उतनी बार ही कटता है जितनी बार वह चौराहों पर लगे कैमरों के सामने से गुजरता है। एक -एक के 30-30 चालान भी कट चुके हैं।
वाहनों के चालान अब ऑटोमेटिक हो रहे हैं
इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़े कैमरों से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान अब ऑटोमेटिक हो रहे हैं। इसमें पुलिस के साथ जुर्माने की रकम को बांटने की नीति पर काम चल रहा है। शासन को हमने प्रस्ताव भेजा है कि जो चालान जारी हो रहे हैं, उसका एक हिस्सा स्मार्ट सिटी को भी दिया जाए। - निखिल टी फुंडे, सीईओ, आगरा स्मार्ट सिटी लि.
माह चालान
जनवरी 5436
फरवरी 6008
मार्च 5724
अप्रैल 3500
मई 5125
जून 8412
जुलाई 9230
अगस्त 6096
सितंबर 7156
अक्तूबर 6363
नवंबर 5077
दिसंबर 7308