बाह। गुढ़ा गांव के बाद जैतपुर के गुमान सिंह पुरा गांव में बुखार से छह माह के बच्चे की मौत हो गई। आठ दिन में तीन बच्चों की मौत से क्षेत्र में लोग परेशान हैं।
गुढ़ा गांव में रविवार को आठ माह के दो बच्चों की बुखार से मौत हो गई थी। मंगलवार को जैतपुर के गुमान सिंह पुरा गांव में कमलेश के छह माह के बेटे रोहित की इलाज के दौरान आगरा में सांसें थम गईं। परिजनों के मुताबिक रोहित का पहले बाह, फिर फतेहाबाद में इलाज कराया था। हालत गंभीर होने उसे आगरा ले जाया गया था। वहीं गांव में कमलेश के भतीजे गुलशन और बड़ा बेटे मोहित भी बुखार की चपेट में हैं। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जैतपुर के अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि बच्चे की मौत की सूचना पर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी है।
छह माह के बेटे रोहित को खोने वाली सुखदा अपने चार साल के बड़े बेटे मोहित को मंगलवार से दिनभर गोद में लिए बैठी है। बुखार से तप रहे मोहित को वह गोद से नहीं हटने दे रही है। परिजनों ने बताया कि रोहित की मौत के सदमे में सुखदा ने दिनभर कुछ खाया भी नहीं।
चंबल नदी के कछार में बसे गुढ़ा गांव में रविवार को बुखार से आठ माह के दो बच्चों कारव और रवि की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे। मृतक बच्चों के परिजनों से जानकारी ली। शिविर लगाकर 85 लोगों की जांच कर दवाएं दी गईं। 36 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। इनमें 30 नमूने मलेरिया और छह नमूने सीवीसी की जांच के शामिल थे।
सीएमओ ने ग्रामीणों को संचारी रोग से बचाव और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। टीम में डॉ. नीरज कुमार, डॉ. बीएस चंदेल, डॉ. कुलदीप भारद्वाज, डॉ. जितेंद्र वर्मा, डॉ. दीपक यादव, डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा, डॉ. गंगवीर आर्या रहे। वहीं ग्राम प्रधान जयवीर सिंह और आशा संगिनी राधा पचौरी भी शिविर में मौजूद रहीं।
बृहस्पतिवार को सिमराई से गुढ़ा गांव के बीच करीब चार किलो मीटर के रास्ते पर चंबल के बीह़ड में सीएमओ डॉ. अरुण कुुमार श्रीवास्तव समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम घंटेभर फंसी रही। हुआ यह कि गांव की ओर से आ रही बोलेरो पिकअप गड्ढे में फंस गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धक्का मारकर उसे निकलवाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम की कई गाड़ियां भी फंस गईं। काफी जद्दोजेहद के बाद टीम गांव पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि जनवरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसने प्रसूता गुड्डी और उसके नवजात की जान खतरे में पड़ गई थी।