पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले फिरोजाबाद निवासी रजनेश के गिरोह के तीन सदस्य और तीन अभ्यर्थियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को चौंकाने वाली बातें बताई हैं।
बताया कि गिरोह के सरगना ने पुलिस भर्ती परीक्षा में 40 सॉल्वर बैठाए थे। उन्होंने परीक्षा भी पास कर ली है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल में कई और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रवेश पत्र के फोटो मिले हैं। इनकी पुलिस जांच कर रही है।
आगरा में पुलिस भर्ती परीक्षा की दस्तावेज समीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षण में पिछले दिनों 17 सॉल्वर पकड़े गए थे। इसमें फिरोजाबाद के गिरोह के सरगना रजनेश और गिरजेश का नाम सामने आया था। इसके बाद से पुलिस गैंग के सरगना की तलाश कर रही थी।
ये आरोपी पकड़े गए
18 दिसंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि छत्ता क्षेत्र स्थित आस्था सिटी सेंटर के सामने कुछ लोग पुलिस भर्ती परीक्षा से संबंधित लेन-देन कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने छापा मारा। छह लोगों को पकड़ लिया गया।
एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में बरौली अहीर निवासी अंकित यादव, फिरोजाबाद के गांव दबाहरा निवासी आशीष पुत्र चंद्रपाल यादव, टूंडला के जरौली खुर्द निवासी राहुल यादव, फिरोजाबाद के नगला राया निवासी नितिन, फिरोजाबाद के जाफराबाद निवासी आशीष पुत्र राजीव कुमार और रंजीत हैं।
पूछताछ में आरोपी रंजीत ने बताया कि वो सॉल्वर गिरोह के सरगना फिरोजाबाद के रजनेश और उसके भाई गिरजेश पुत्रगण सुरेश चंद्र का चालक है। वह और उसका साथी आशीष अभ्यर्थियों से लेन-देन करते हैं। किसको कहां भेजना है, यह कार्य भी देखते हैं।
दिल्ली, कानपुर से लाते हैं सॉल्वर
रजनेश और गिरजेश पुलिस के अलावा एसएससी, बैंक, रेलवे आदि भर्ती परीक्षा में भी पास कराने का ठेका लेते हैं। दिल्ली और कानपुर की कोचिंग से सॉल्वर लेकर आते हैं। आरोपी नितिन सॉल्वर है। गिरोह ने पुलिस भर्ती परीक्षा में 40 अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लिया था।
पकड़े गये अभियुक्तों में अंकित, आशीष और राहुल असली परीक्षार्थी थे, जिनके स्थान पर गैंग ने सॉल्वर बैठाए थे। अभ्यर्थी अंकित के स्थान पर नितिन ने परीक्षा दी थी। आरोपियों के पास से पांच मोबाइल, 79 हजार रुपये और मारुति कार बरामद की है।