डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
आगरा के डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय की 2005 सत्र की बीएड की फर्जी मार्कशीट का मामला अब मुख्य सचिव अनूप वाजपेयी के पास जाएगा। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने इसकी फाइल तैयार कर ली है। दरअसल, आगरा समेत कई जिलों ने फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षकों पर केस दर्ज कराना तो दूर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि गोरखपुर, फतेहपुर और लखीमपुर खीरी में बर्खास्तगी की जा चुकी है।
आगरा में नोटिस जारी किया गया, लेकिन बाद में मामले को दबा दिया गया। एसआईटी के अधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की इस कार्यप्रणाली से बेहद खफा बताए जा रहे हैं। फाइल एसआईटी के डीजी आरपी सिंह ने तैयार की है। इसे ही मुख्य सचिव को भेजा जाएगा।
एसआईटी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षकों के बारे में पूरी रिपोर्ट कई महीने पहले बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को दी गई थी। वहां से जिलों को भेजा गया। रिपोर्ट में बीएड की मार्कशीट के रोल नंबर भी हैं।
इसके बावजूद अभी तक एक्शन न लिया जाना तमाम सवाल खड़े कर रहा है। एसआईटी लगभग तीन साल से इस केस की जांच कर रही है। बीएड की लगभग 4700 मार्कशीट फर्जी पाई गई। इनमें से 2500 पर शिक्षक नियुक्त हो गए। इनमें 250 शिक्षक अकेले आगरा में हैं।