उत्तर प्रदेश के आगरा में रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा का बहनों ने भरपूर लाभ उठाया। हालांकि भीड़ की वजह से उन्हें परेशानी भी खूब हुई। उमस भरी गर्मी में बसें खचाखच भरकर चलीं। बहनों को बस के इंतजार में घंटों खड़े रहना पड़ा। कइयों को तो मजबूरन डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
योगी सरकार ने रविवार रात 12 बजे से सोमवार रात 12 बजे तक रोडवेज बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया। आसपास जिलों से बहनों के सुबह आने और शाम को लौटने की वजह से बसें खचाखच भरी रहीं। दोपहर में अपेक्षाकृत कम भीड़ रही। आईएसबीटी, ईदगाह एवं बिजलीघर बस स्टैंड पर सुबह और शाम बहनों की ज्यादा भीड़ रही।
आईएसबीटी पर अलीगढ़ जाने के लिए खड़ी सोनाली ने बताया कि दो बसें आईं, लेकिन सवारी अधिक होने से तुरंत भर गईं। तीसरी बस में वह बैठ सकीं। बेटे के साथ दिल्ली जा रहीं रामवती ने बताया कि बस आते ही भर जा रही थी, आईएसबीटी पर खड़ी प्राइवेट टैक्सी में सफर करना पड़ा।
रास्ते में खड़ी बहनों को हुई परेशानी
बस अड्डे पर ही बसें खचाखच भर जा रही थीं। इससे चालकों ने रास्ते में बसों को नहीं रोका। जगह-जगह चौराहों पर खड़ी बहनों को इससे परेशानी हुई। उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। ऐसी जगहों पर डग्गेमार वाहनों की चांदी रही। भगवान टॉकीज चौराहा, रामबाग एवं वाटरवर्क्स पर ऐसी स्थिति ज्यादा रही। यह स्थिति तब थी जब निगम के कर्मचारी तीनों पॉइंट पर ड्यूटी पर थे।
ड्यूटी के साथ निभाया रिश्ता
कई रोडवेज बस चालक बहनों से राखी नहीं बंधवा पाए। जबकि कुछ चालक ऐसे रहे जिन्होंने ड्यूटी के साथ रिश्ता भी निभाया। बाह डिपो के चालक रामनिवास की इटावा-दिल्ली मार्ग पर ड्यूटी थी। इसी मार्ग पर उनका गांव भी था। चालक ने फोन पर बहन को गांव के बाहर बुलाया और रास्ते में खड़े होकर राखी बंधवाई।
1.10 लाख यात्रियों ने किया सफर
जिस मार्ग की ज्यादा सवारी होती, उसी मार्ग पर बस को भेजा गया। निगम ने 300 बसों का संचालन किया। रास्ते में कितनी सवारी खड़ी है इसकी जानकारी नहीं होती है। स्टैंड से बस को खाली नहीं भेज सकते। रास्ते में खड़े होने के बजाय बहनों को बस अड्डे आना चाहिए था। 17 और 18 अगस्त को कुल 1.10 लाख यात्रियों ने रोडवेज बसों में सफर किया। 18 अगस्त का आंकड़ा देर रात बसों के लौटने पर पता चल सकेगा। -बीपी अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम