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आगरा दशलक्षण पर्व: मन में सरलता होना ही उत्तम आर्जव धर्म है, मुनि प्रणम्य सागर ने दिए प्रवचन

Mon, 13 Sep 2021 11:21 AM IST
आगरा ब्यूरो न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हरीपर्वत परिसर में प्रवचन में मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि मन, वचन, काय की चेष्टा का एक होना और मन में सरलता होना ही उत्तम आर्जव धर्म है। जब हमारे सामने शत्रुता का भाव होगा तो हम सरल नहीं हो सकते।
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एमडी जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के आयोजन में मौजूद जैन श्रद्वालु। संवाद - फोटो : Agra City
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विस्तार
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दिगंबर जैन समाज के दश लक्षण पर्व के तीसरे दिन रविवार को मंदिरों में उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हरीपर्वत परिसर में प्रवचन में मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि मन, वचन, काय की चेष्टा का एक होना और मन में सरलता होना ही उत्तम आर्जव धर्म है। जब हमारे सामने शत्रुता का भाव होगा तो हम सरल नहीं हो सकते।
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मुनि चंद्र सागर महाराज ने भक्तामर स्त्रोत शिविरार्थियों को पढ़ाया। शाम को मुनिराज और जिनेंद्र भगवान की आरती की गई। उसके बाद कमला नगर युवा मंडल की ओर से नाटक का मंचन किया गया। मंच का संचालन मनोज जैन ने किया। मीडिया प्रभारी शुभम जैन के मुताबिक सोमवार को दस लक्षण पर्व के तहत उत्तम शौच धर्म की पूजा की जाएगी। कार्यक्रम में आगरा दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, सुनील जैन, अनंत जैन, हीरालाल बैनाड़ा, अशोक जैन, विमल जैन, गौरव जैन, सुमेर पांडया, राजेश सेठी की उपस्थिति रही।
- श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शालीमार एंक्लेव कमला नगर में सुबह प्रभु का अभिषेक व शांतिधारा की गई। पंडित मोहित शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि व्यक्ति शांति का मार्ग अपनाकर हर क्षेत्र में खुद को विजयी बना सकता है। महाआरती का सौभाग्य शालीमार जैन युवा मंडल के सदस्यों को प्राप्त हुआ। नाट्य प्रस्तुति भी दी गई। कार्यक्रम में अजय जैन, निशांत जैन, सौरभ जैन, अंकेश जैन, गुंजन जैन, मुकेश रपरिया, अनिल अहिंसा की उपस्थिति रही।
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- श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गंगेगौरी बाग में चंद्रप्रभु भगवान का अभिषेक व शांतिधारा पंडित सौरभ जैन शास्त्री ने संपन्न कराई। आचार्य आदित्य सागर महाराज ने कहा कि अपनी आत्मा का स्वभाव है सरल होना, वैसे ही आर्जव धर्म हमें अपने भावों को सरल व सहज रखना सिखाता है। शाम को भगवान की मंगल आरती की गई और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इस दौरान प्रवीन जैन, राहुल जैन, सचिन जैन, राजीव जैन, रजनीश जैन, अंकेश जैन, अरुण जैन, आरती जैन की उपस्थिति रही।
आगरा। निर्मल सदन, छीपीटोला में मुनि वीर सागर, मुनि धवल सागर व मुनि विशाल सागर महाराज के सानिध्य में आर्जव धर्म की पूजा की गई। प्रवचन में मुनि धवल सागर महाराज ने कहा कि जब व्यक्ति मायाचारी छोड़ता है तो आर्जव धर्म प्रकट होता है। आर्जव धर्म का अर्थ है, जो मन में है, वही वचन में होना चाहिए। मुनि वीर सागर महाराज ने भक्तामर स्त्रोत का पाठ किया और अर्थ बताया। मुनि विशाल सागर महाराज ने प्रतिक्रमण कराया। शाम को आरती के बाद प्रतिज्ञा पर नाटक का मंचन किया गया। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष दिलीप जैन, प्रदीप जैन, सपना जैन, प्रवेश जैन, रमेश चंद जैन की उपस्थिति रही। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन के मुताबिक सोमवार को श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर के नव निर्माण के लिए मुनि वीर महाराज की ओर से कमेटी घोषित की जाएगी।
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