आगरा के प्रमुख सराफा कारोबारी अवधेश अग्रवाल (55) की रविवार रात को पटना (बिहार) के बाकरगंज में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पीछा करते हुए दो शूटरों ने फ्लैट में जाते समय अपार्टमेंट की सीढि़यों पर वारदात को अंजाम दिया। गोली मारने के बाद भाग निकले। सीसीटीवी फुटेज में दो हमलावर नजर आए हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। हमले के पीछे रंजिश की आशंका जाहिर की जा रही है। हालांकि परिजन अभी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं।
परिणय कुंज, हरीपर्वत निवासी अवधेश अग्रवाल की किनारी बाजार के जैन पैलेस में श्री गिर्राजजी ऑर्नामेंट के नाम से फर्म है। वह 30 साल से आगरा के साथ ही बिहार में भी चांदी की पायल का बड़ा कारोबार कर रहे थे। पटना में उनकी एक मिठाई की दुकान भी है, जिसे किराये पर दे रखा था। थाना पीर बहोर स्थित बाकरगंज इलाके में फर्म का कार्यालय बना है। इसके पास ही वो एक फ्लैट में रहते थे।
रविवार रात तकरीबन 11 बजे अवधेश अग्रवाल कार्यालय से पैदल अपने फ्लैट के लिए जा रहे थे। परिजन ने बताया कि पहली मंजिल पर फ्लैट था। इस दाैरान उनके साथ कोई कर्मचारी नहीं था। अपार्टमेंट की सीढि़यों पर दो हमलावरों ने रोक लिया। सीने में गोली मार दी। वह वहीं गिर पड़े। इसके बाद हमलावर भागते हुए निकल गए। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए। कारोबारी को नजदीक के अस्पताल में लेकर गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी पर पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दो हमलावर नजर आए हैं। इनकी मदद से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। हत्या के पीछे का कारण फिलहाल पता नहीं चल सका है। हालांकि किसी विवाद में हत्या की आशंका है। पुलिस ने परिजन से बात की। मगर, वो कुछ नहीं बता सके हैं। वहीं घटना की जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया। आगरा के सराफा बाजार में शोक की लहर दाैड़ गई। मंगलवार तक शव लाने की उम्मीद जताई गई है।
कार्यालय से पीछा करते आए हमलावर
सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा है कि 11:14 बजे कारोबारी फ्लैट की तरफ पैदल जा रहे हैं। उनके पीछे से ही दो हमलावर आते हैं। एक ने कैप पहन रखी है। वह पहले अपने साथी को बुलाता है। इसके बाद दोनों कारोबारी के पीछे चले जाते हैं। दूसरे ने अपने माथे पर कपड़ा बांधे हुए हैं। 1:16 पर हमलावर अपार्टमेंट की तरफ से भागते हुए निकल रहे हैं। उस समय सड़क पर बड़ी संख्या में लोग भी निकल रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि हमलावर कार्यालय से ही कारोबारी के पीछे लगे थे। वह उनके पीछे-पीछे चल रहे थे। माैके की तलाश में थे। फ्लैट में उन्हें माैका मिल गया। वह घटना को अंजाम दे डालते हैं। पुलिस को स्थानीय शूटरों पर ही घटना में शामिल होने का शक है।