चांदी में उतार-चढ़ाव से सराफा बाजार सुस्त है। कारोबारियों में असमंजस का माहौल है। शुक्रवार को कीमतों में आई आंधी के बाद फिर चांदी लुढ़की है। शनिवार को भाव 1.93 लाख रुपये प्रति किलो रहा। तेजी के बाद कीमत में करीब 10 हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
आगरा चांदी की मंडी है। सालाना करीब 10 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर है। 50 टन से अधिक चांदी खपत है। 2500 से अधिक कारोबारी और एक लाख से अधिक घरों में कुटीर उद्योग की तरह पायल का कारोबार होता है। शुक्रवार को चांदी रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। जिसका सीधा असर सराफा बाजार में शनिवार को भी दिखाई दिया। ग्राहक गायब थे। सिर्फ बिकवाली हो रही थी।
चांदी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि 60 से 70 फीसदी तक बाजार में ग्राहक घटे हैं। नए साल में भी बाजार अस्थिर रहेगा। 2026 में चांदी के भाव में फिर तेजी आ सकती है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता है। अमेरिकी टैरिफ का भी असर है। इसके अलावा चांदी का औद्योगिक उपयोग बढ़ने से भी भाव में तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है।
अस्थिर है बाजार
श्री सराफा कमेटी के अध्यक्ष धन कुमार जैन ने बताया कि बाजार पूरी तरह अस्थिर है। चांदी कल ऑल टाइम हाई थी। रात में भाव लुढ़का है। जब तक भावों में स्थिरता नहीं आएगी। बाजार प्रभावित रहेगा।
कल खुलेंगे भाव
पायल मैन्युफैक्चरर्स तरुण अग्रवाल ने बताया कि एक दिन में 10 हजार रुपये का उतार-चढ़ाव चांदी में हुआ है। सोमवार को बाजार खुलेगा। नए भाव क्या होगा इसे लेकर सराफा कारोबारियों में हलचल है।
उधारी पर व्यापार
सराफा स्वर्णकार व्यावसायिक कमेटी के सरंक्षक राजू मेहरा ने बताया कि चांदी कारोबार बहुत हद तक उधारी पर चलता है। रोज कीमतों में बदलाव हो रहा है। वैश्विक स्तर पर भी अस्थिरता का माहौल है। फिलहाल बाजार सुस्त है।
नहीं आए ग्राहक
सराफा एवं स्वर्णकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तरुण सिंह ने बताया कि न्युफैक्चरिंग इकाइयों पर बुरा असर पड़ रहा है। बाजार में बहुत गिरावट आई है। ग्राहक नहीं मिल रहे। कारोबारियों में भाव को लेकर भय का माहौल बना है।