मथुरा कृष्ण जन्माष्टमी 2021: दुकान से पोशाक खरीदतीं महिलाएं
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही कान्हा की सुंदर-सुंदर पोशाक और मूर्तियों से बाजार में दुकानें सजने लगी हैं। जन्माष्टमी के चलते बाजार में चहल-पहल देखी जा रही है। जन्माष्टमी के चलते मंदिरों की साफ-सफाई व भव्य सजावट का कार्य भी शुरू हो गया है।
इस बार भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। जन्माष्टमी का त्योहार भाद्रप्रद महीने की अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। भगवान श्री कृष्ण का जन्म का भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को हुआ था। कृष्ण जी ने रोहिणी नक्षत्र में जन्म लिया था। इसीलिए अगर अष्टमी तिथि के दिन रोहिणी नक्षत्र होता है, तो यह एक बहुत ही शुभ और विशेष संयोग माना जाता है। ब्रज के मंदिरों, मठों और घर घर कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरु हो गईं हैं। कृष्ण भक्त जन्माष्टमी का व्रत रखकर भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना करेंगे। जन्माष्टमी की खरीदारी को लेकर बाजार लगभग तैयार हो गया है। कान्हा की बांसुरी, पालना आदि सामान की खरीदारी शुरू हो गई है।
नई पोशाक से सज गए बाजार
पिछले काफी समय से मंदी के दौर से गुजर रहा मुकुट पोशाक के कारोबार से जुडे़ लोगों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व से खासी उम्मीदें हैं। यही कारण है कि बाजार में इन दिनों नई डिजाइन की पोशाकें पहुंच गईं हैं। सुंदर और सजीली पोशाकों को श्रृद्धालु खरीद भी रहे हैं। दुकानदार दीपक गोयल ने बताया कि पिछले साल कोरोना के कारण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर बाजार में मंदी छाई रही, लेकिन इस साल बाजार को उम्मीदें हैं।
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