सोरोंजी। त्रेता युग में श्रवण कुमार ने कांवड़ में बैठाकर अपने माता- पिता को तीर्थ यात्रा कराई थी। ऐसा ही मामला सावन मास में देखने को मिला। शुक्रवार को दो श्रवण कुमार पुत्र अपने माता-पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए गंगा स्नान कराए आए थे। जिसने भी बेटों को कांवड़ में माता-पिता को ले जाते देखा, बेटों की तारीफ किए बिना नहीं रह सका।
मान्यता के अनुसार श्रावण मास में गंगाजल से भोले का अभिषेक अत्यधिक पुण्यदायी माना गया है। एत्मादपुर निवासी हाकिम सिंह व कमलेश देवी ने अपने पुत्र सिविल इंजीनियर सोनेश पाल व कारपेंटर आकाश के सामने गंगा स्नान करने व गंगा जल लाकर भोले का अभिषेक करने की इच्छा जताई। माता पिता की इस इच्छा को पूरा करने के लिए दोनों भाई उन्हें कांवड़ में बैठाकर गंगा स्नान के लिए लहरा घाट ले आए। भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए दोनों पुत्र अपने पथ पर बढ़ते चले जा रहे थे। रास्ते में पुत्रों की मातृ-पितृ भक्ति देखकर लोग बड़े आश्चर्य से देख रहे थे। सोनेश और आकाश ने बताया कि माता-पिता दोनों ही वृद्ध हैं। उनकी इच्छा के चलते लहरा घाट पर गंगा स्नान कराया और गंगाजली में पवित्र गंगाजल महादेव का अभिषेक करने के लिए ले जा रहे हैं। वो वापस अपने घर एत्मादपुर जा रहे हैं। सोमवार को मंदिर में परिवार सहित भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करेंगे।