कासगंज। मुहर्रम के बाद सावन माह के पहले ही दिन ही जिले के माहौल को खराब करने की कोशिश की गई। गंजडुंडवारा के गांव समसपुर में गोकशी के बाद तनाव फैल गया। ग्रामीणों और हिंदूवादी संगठनों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोश जताया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
गांव निवासी योगेंद्र बृहस्पतिवार को अपने पशुओं को चराने के लिए ले गए थे। रास्ते में से उनका एक बैल गायब हो गया। इसके बाद योगेंद्र ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रात भर उसे खोजते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। शुक्रवार को सुबह से फिर उसकी तलाश शुरू कर दी। शाम को समसपुर और बरा के बीच एक बोरिंग के गड्ढे के पास उन्हें खून पड़ा दिखाई दिया। उन्होंने बोरिंग में झांककर देखा तो उसमें पशु के अवशेष दिखाई दिए। इसके बाद गांव में गोकशी की खबर से सनसनी फैल गई। मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए। सूचना पर हिंदूवादी संगठन के लोग भी पहुंच गए। मौके पर पहुंचे सीओ संतोष कुमार ने घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद बोरिंग से पशु के अवशेष बाहर निकाले गए। योगेंद्र ने अपने बैल का सिर देखकर उसकी पहचान की। पुलिस ने तुरंत पशुपालन विभाग की टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से अवशेष एकत्र करके सैंपल लिए। पोस्टमार्टम के बाद अवशेषों को गड्ढे में दफना दिया गया। सीओ ने बताया कि गांव में एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है। अज्ञात में गोकशी का मामला दर्ज किया गया है।
इसी मार्ग से बस्तर मंदिर को जाते हैं भक्त
संवाद। समसपुर गांव से बस्तर में भोले बाबा का प्राचीन मंदिर है। सावन में मंदिर पर बड़ी संख्या में भक्त प्रतिदिन पूजा करने के लिए जाते हैं। इस समय कांवड़िये भी गंगा जल भरने के लिए इस मार्ग से होकर गुजर रहे हैं। ऐसे में गोकशी की घटना से इलाके में आक्रोश है। बता दें इससे पहले अमांपुर में मुहर्रम से पहले पशु कटान का मामला सामने आने के बाद जमकर हंगामा हुआ था। हिंदूवादी संगठनों ने थाने का घेराव किया था। पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को जेल भी भेजा था।