आगरा के अछनेरा थाने में तैनात एक दरोगा और उसके प्राइवेट चालक की एंटी करप्शन में शिकायत हुई है। पीड़ित का बेटा एसटीएफ आगरा यूनिट में तैनात है। एसटीएफ यूनिट के इंस्पेक्टर ने दरोगा को कॉल किया तो उसने साफ कर दिया कि शिकायत मिली थी। उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
मामला अछनेरा के गांव हसेला का है। एक किसान ने एंटी करप्शन में शिकायत की है। गांव में उसकी बिरादरी का एक ही परिवार है। किसान का आरोप है कि कुछ लोग साजिश के तहत उनकी फर्जी शिकायत करते हैं। पूर्व में दुराचार के आरोप तक लगा चुके हैं। फर्जी प्रार्थना पत्र पर पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर वसूली करती है।
पूर्व में 9 लाख रुपये लेकर एक मामले में पुलिस ने ही समझौता कराया था। इस बार एक महिला ने फर्जी प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र थाना स्तर से जांच के लिए किसी को नहीं दिया गया। संभवत: दरोगा के पास ही सीधे पहुंचा था। दरोगा ने कार्रवाई का भय दिखाया। अपने प्राइवेट चालक के साथ दो बार में 40 हजार रुपये वसूल लिए।
मामला संज्ञान में आने पर एसटीएफ आगरा यूनिट में तैनात एक इंस्पेक्टर ने दरोगा को फोन मिलाया। कहा कि फर्जी शिकायत पर वसूली हो रही है। जिनसे वसूली की गई उनका बेटा आगरा यूनिट में सिपाही है। दरोगा ने इंस्पेक्टर के फोन पर गंभीरता से नहीं लिया। कह दिया जो किया जाए कर लेना। इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों से भी शिकायत की गई है। घटना की जानकारी इंस्पेक्टर अछनेरा को भी दी गई थी।