मथुरा में बरसाना भाजपा के मंडल अध्यक्ष ने गुर्गों के साथ मिलकर एक दुकान पर जबरन कब्जे का प्रयास किया। आरोप है कि दुकान स्वामी ने विरोध किया तो आरोपी मंडल अध्यक्ष ने गुर्गों के साथ दुकान स्वामी व उसकी बहन पर लाठी-डंडों से हमला करते हुए छेड़छाड़ भी कर डाली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर हरकत में आई बरसाना पुलिस ने चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 10 के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना बरसाना के कस्बे के बाजार में एक दुकान पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष रनवीर ठाकुर उर्फ रन्नो, दीनू गुर्गों के साथ कब्जा करने पहुंचे। दुकान स्वामी व उसकी बहन ने विरोध किया तो उनकी लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। दुकान स्वामी की बहन खून से लथपथ हो गई। इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। सपा नेता प्रदीप चौधरी ने इस हमले का वीडियो वायरल करते हुए नेता प्रतिपक्ष सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं पुलिस अधिकारियों से ट्वीट कर कार्रवाई की मांग की।
एसएसपी के हस्तक्षेप के उपरांत पुलिस ने पीड़ित दुकान स्वामी की तहरीर पर मंडल अध्यक्ष रनवीर ठाकुर, दीनू समेत अन्य के खिलाफ हमला और छेड़छाड़ की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ गौरव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रनवीर, दीनू, वीरेंद्र और हरिशंकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जल्द ही 7 हमलावरों को गिरफ्तार किया जाएगा।
भाजपा पार्षद पर गर्भवती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पीटने का आरोप
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश ने वार्ड 32 के पार्षद चंदन आहुजा पर मारपीट का मामला दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में अन्य कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इधर, पार्षद ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा से मिलकर ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।
कृष्णानगर के वार्ड 32 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीरज अग्रवाल और सुपरवाइजर कमलेश पर पुष्टाहार वितरण में धांधली के आरोप हैं। लोगों ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय पार्षद चंदन आहुजा से की। पार्षद ने नीरज और कमलेश से पूछा कि आप 500 ग्राम माल देकर रजिस्टर में एक किलो क्यों लिखते हैं। इस पर उनका कहना था कि ऊपर से ही माल कम आता है लेकिन हमें रजिस्टर में पूरा दिखाना पड़ता है। इस पर पार्षद ने नाराजगी जताई। शिकायत के आधार पर 13 मई को इस मामले में जांच समिति गठित की गई थी।
सुपरवाइजर कमलेश ने आरोप लगाया कि पार्षद ने उसके साथ मारपीट की। वह गर्भवती हैं, उसको काफी परेशानी हो रही है। एक प्रार्थना पत्र के साथ कमलेश कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर डीएम से मिलीं। डीएम के आदेश पर पार्षद और उनके नौकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। पार्षद का कहना है कि एफआईआर पूरी तरह फर्जी है। लाभार्थियों ने भी उनको लिखित में कम माल मिलने की शिकायत की है। शहर कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच करके कार्रवाई की जाएगी।