अब चाचा शिवपाल और अखिलेश एक साथ थे। ऐसे में शिवपाल सिंह को अहसास था कि उन्हें 2019 में हुई गलती सुधारनी है। इसके लिए उन्होंने ऐसी चुनावी बिसात बिछाई कि भाजपा चारों खाने चित हो गई। फिरोजाबाद में उन्होंने जनसभा में खुलकर गलती स्वीकारी। जनता से अपील की कि मेरी गलती की वजह से मेरा भतीजा अक्षय हारा था, इस बार ये गलती सुधारनी है। जनता ने भी शिवपाल पर भरोसा जताया और अक्षय ने इस बार 89312 वोटों से जीत दर्ज की। इसी तरह मैनपुरी में भी डिंपल की जीत के लिए शिवपाल ने पूरा जोर लगाया। बदायूं में बेटे को जिम्मेदारी सौंपकर उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र जसवंतनगर की जिम्मेदारी संभाली। जसवंतनगर मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का ही हिस्सा है। शिवपाल की मेहनत रंग लाई और जसवंतनगर ने डिंपल की जीत में सर्वाधिक 88132 वोट का योगदान किया।