43 वर्षीय जगपाल 2004 में शिक्षामित्र पद पर नियुक्त हुए और 2014 में उनका शिक्षक पद पर समायोजन विकासखंड बाह में हुआ था। 2017 में समायोजन निरस्त होने के बाद से वापस मूल विद्यालय चौमा शाहपुर में शिक्षण कार्य कर रहे थे। परिवार में अपने पीछे बूढ़े माता-पिता, पत्नी तथा चार अविवाहित पुत्रियां छोड़ गए हैं।
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परिजन ने बताया है कि पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी के कारण अवसाद में थे। कुछ दिन पहले 2500 रुपये मानदेय वृद्धि की खबर छपी थी तो कुछ आस जागी थी, लेकिन दो दिन पहले माननीय शिक्षामंत्री के सदन में मानदेय वृद्धि से इंकार करने से तनाव और बढ़ गया था।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह छौंकर ने कहा कि आर्थिक तंगी के चलते अब तक दर्जनों शिक्षामित्रों की मौत हो चुकी है। सरकार को शिक्षामित्रों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक रवैया अपनाना चाहिए।
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