शीरोज कैफे में काम करतीं एसिड अटैक सर्वाइवर
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आगरा का शीरोज कैफे एसिड अटैक सर्वाइवर की जीवटता का प्रतीक बन गया है। यहां अब एसिड अटैक सर्वाइवर के हाथों से बने बेकरी प्रोडक्ट भी मिलेंगे। कैफे के संचालन में योगदान दे रहीं एसिड अटैक सर्वाइवर रूपा बोलीं कि मेरे साथ जो हुआ, उसे भूल जाना चाहती हूं। अब मेरी जिंदगी में हर दिन खास है। मैं आत्मनिर्भर हूं। मैं और मेरी बहनें हाथ से तैयार बेकरी उत्पाद पर्यटकों को खिलाएंगे। हमने कई तरह के बेकरी उत्पाद तैयार किए हैं।
रोजगार से मिल रही खुशी
शीरोज कैफे के जनसंपर्क अधिकारी अजय तोमर ने बताया कि बेकरी की पूरी जिम्मेदारी एसिड अटैक सर्वाइवर को देने का मकसद उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। रोजगार मिलने से उन्हें एक अलग खुशी मिलती है। अभी तक एसिड अटैक सर्वाइवर सर्व करने का काम करती थीं। अब उनके हाथ की बनी बेकरी देश-विदेश के पर्यटक खा सकेंगे।
मैं आत्मनिर्भर हूं- रूकैया
एसिड अटैक सर्वाइवर रूकैया ने कहा कि हमारे हाथों से बने सामान का स्वाद पर्यटक चखेंगे। जीवन में कुछ दिन ऐसे आए, जब काफी टूटी। लेकिन कैफे में काम ने फिर मुझे नया हौसला दिया है। मैं आत्मनिर्भर हूं।