नगर निगम के रैन बसेरा के बाहर बैठा युवक
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कड़ाके की ठंड ने लोगों को रजाई में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया। शनिवार को लोग घरों से कम ही निकले। बाजारों में भीड़ कम रही। इधर बेघर लोगों की मुसीबत और बढ़ गई। जिनको रैन बसेरे, शेल्टर होम में जगह मिल गई, उनको तो राहत रही बाकी खुले आसमान के नीचे एक कंबल में सिकुड़ते रहे। कई इलाकों में रैन बसेरा खाली पड़े रहे जबकि पास में ही लोग खुले में फुटपाथ पर सो रहे थे। बारिश के समय खंदारी बाईपास स्थित पुल के नीचे तैयार किया गया रैन बसेरा दोपहर दो बजे बंद था। बसेरे के बाहर ही कंबल ओढ़कर व्यक्ति सो रहा था।
शेल्टर होम : दोपहर में जलाए अलाव
शेल्टर होम में शाम को जलने वाले अलाव ठंड को देखते हुए दोपहर में ही जला दिए गए। राजामंडी रेलवे स्टेशन के निकट बने शेल्टर होम में गैस अलाव जलाया गया था। आवास विकास कॉलोनी में सेक्टर सात में शेल्टर होम में भी अलाव जल रहा था।
पुल ने बचाया बारिश से
शहर में कई स्थानों पर लोग खुले में ठंड से सिकुड़ते मिले। दोपहर दो बजे के करीब गुरुद्वारा गुरु का ताल के निकट पुल के नीचे युवक एक कंबल ओढ़े बारिश और ठंड से बचाव कर रहा था। एमडी रोड के फुटपाथ पर भी लोग शाम को रजाई और एक कंबल में सिकुड़े हुए लेटे हुए थे।
चाय के ग्राहक बढ़े
ठंड ने चाय की दुकानों पर ग्राहक बढ़ा दिए। दोपहर में अधिक भीड़ रही। गर्म चाय की चुस्कियों के बीच राजनीति, बढ़ता संक्रमण चर्चा का मुख्य मुद्दा रहा। ऑनलाइन पढ़ाई पर चर्चा करते रहे। दिल्ली गेट स्थित चाय की दुकान के संचालक आकाश ने बताया कि अन्य दिनों के मुकाबले शनिवार को ग्राहक अधिक रहे।