पति के तीन तलाक देने के बाद शाजिया न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। सोमवार को डीएम नेहा शर्मा से मिलने के लिए पड़ोस में रहने वाली महिला के साथ जिला मुख्यालय पहुंची। डीएम को फरियाद सुनाई और न्याय की मांग की। मामला तीन तलाक से जुड़ा है। इसलिए उन्होंने कानून के दायरे के अनुसार ही पीड़िता को न्याय देने की बात कहते हुए प्रोबेशन अधिकारी के पास भेज दिया।
सोमवार को शाजिया सबसे पहले विधायक मनीष असीजा के पास पहुंची। इस दौरान विधायक ने उसकी सारी बातें सुनीं। इसके बाद डीएम को संबोधित एक पत्र लिख कर शाजिया को देकर मिलने को भेज दिया। शाजिया के साथ संकट की इस घड़ी में अपने घर पर पनाह देने वाली महिला भी थी। डीएम कार्यालय में आसूं भरते हुए शाजिया ने आप बीती बताई। डीएम से कहा मेरी कोई मदद नहीं कर रहा। मुझे न्याय दिलाओ।
शाजिया ने कहा इस बुरे वक्त में दो लोग मेरा सहारा बने हुए हैं। एक मीडिया और दूसरा वह परिवार, जिसके यहां मैं पनाह पाई हूं। शाजिया की बात सुन डीएम ने उसको मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के मामले में वह कुछ भी नहीं कर सकती लेकिन वह उसे को नारी निकेतन मथुरा भेज सकती हैं। नारी निकेतन जाने से शाजिया ने इनकार कर दिया।
डीएम ने उसको रोजगार दिलाकर खुद और बच्चों का भरण पोषण करने की बात कही तो शाजिया ने कहा वह कोई काम नहीं जानती। यहां तक की सिलाई, कढ़ाई भी नहीं। उन्होंने शाजिया को दोबारा ससुराल भेजने की बात कही तो शाजिया के मुंह से एक ही शब्द निकला। वो मुझे और मेरे बच्चों को निश्चित ही मार देगा। वह ससुराल नहीं जाना चाहती। मामले में डीएम ने उसे प्रोबेशन अधिकारी के पास भेज दिया।