शरद पूर्णिमा पर जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज मोर मुकुट और कटि काछिनी के साथ वंशी धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। ठाकुरजी सोने-चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे। इस दौरान मंदिर के पट खुलने के समय में बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन ने इस बार एक-एक घंटे प्रात:कालीन सेवा और सायंकालीन सेवा में समय बढ़ाया गया है। इस दिन भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन के लिए दो घंटे का समय अधिक मिलेगा।
एक-एक घंटे मंदिर के पट खुलने का समय बढ़ाया
20 अक्तूबर शरद पूर्णिमा के दिन राजभोग और शयन भोग सेवा में एक-एक घंटे मंदिर के पट खुलने का समय बढ़ाया गया है। दिन में दो घंटे अधिक मंदिर खुलने के कारण आरती के समय में भी परिवर्तन होगा। शरद पूर्णिमा के दिन दोपहर में राजभोग आरती 11:55 के स्थान पर 12:55 बजे होगी और रात में होने वाली शयनभोग आरती रात 9:25 के स्थान पर 10:25 बजे की जाएगी। शरद पूर्णिमा पर अधिक संख्या में आने वाले भक्तों को लेकर दर्शनों के समय को बढ़ाया गया है।