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भीड़ हिंसा की शिकार शांति तड़वी को 10 साल बाद मिला परिवार, यूपी पुलिस बनी मददगार

Fri, 16 Aug 2019 03:23 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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अपने बेटे के साथ शांति तड़वी - फोटो : अमर उजाला
एक मां अपने परिवार से ऐसी बिछड़ी कि 10 साल तक दर-दर भटकती रही। भटकते हुए जब वह आगरा पहुंची तो भीड़ ने बच्चा चोर समझ हमला कर दिया। पुलिस ने बचाया। इसके बाद उसे परिवार से मिलाने की कवायद शुरू हुई। पुलिस ने महिला के घर का पता ढूंढ निकाला। मां को देखकर बेटे की आंखों से आंसू छलक पड़े। मां ने भी बेटे को गले लगा लिया।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सात अगस्त को थाना शमसाबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक अधेड़ महिला को बच्चा चोर समझकर मारपीट कर सड़क पर घसीट रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और महिला को बचाकर थाने लाई। इस मामले में थाना शमसाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में महिला ने अपना नाम शांति बताया था। वो गुजरात की रहने वाली थी। 
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महिला को घसीटते लोग - फोटो : अमर उजाला
शमसाबाद पुलिस ने गुजरात पुलिस की मदद से शांति के भाई कांति भाई तड़वी पुत्र भंगड़ा भाई तड़वी निवासी इंद्रवर्णा, थाना गरुड़ेश्वर, नर्मदा से संपर्क किया। 11 अगस्त को शांति का बेटा महेंद्र तड़वी आगरा आया। दोनों से एसएसपी ने भी मुलाकात की। 

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थाने में बैठी पीड़ित महिला - फोटो : अमर उजाला
10 साल बाद मां के मिलने पर बेटे की खुशी का ठिकाना न रहा। दोनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। बेटे ने पुलिस को भी धन्यवाद दिया। इसके बाद मां-बेटे को सम्मान पूर्वक बुधवार को कैंट स्टेशन से गुजरात के लिए विदा किया गया। 
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पुलिस के साथ पीड़ित महिला - फोटो : अमर उजाला
कांतिभाई तड़वी ने बताया कि शांति तड़वी की शादी दिनेश नानजी तड़वी निवासी गोला गामड़ी, थाना संखेड़ा, छोटा उदयपुर से हुई थी। इनकी दो पुत्री शादीशुदा और एक बेटा महेंद्र तड़वी है, जो गांव संखेड़ा में रहकर खेती करता है। बड़ी बेटी के पति ने दूसरी शादी कर ली। इस वजह से शांति की मानसिक स्थिति बिगड़ गई। वो तकरीबन दस साल पहले अपनी ससुराल संखेड़ा से कहीं चली गई। काफी खोजने पर भी पता नहीं चल सका।  
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