आगरा में ताजमहल में शहंशाह शाहजहां का तीन दिवसीय उर्स रविवार से शुरू हो रहा है। उर्स के पहले दिन रविवार को दोपहर दो बजे ताजमहल के मुख्य मकबरे का तहखाना खोला जाएगा। शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों को तीन दिन तक देखा जा सकेगा। रविवार को दोपहर में गुस्ल की रस्म अदा की जाएगी और फातिहा पढ़ा जाएगा। प्रवेश निशुल्क रहेगा।
खुद्दाम ए रोजा कमेटी अध्यक्ष हाजी ताहिरुद्दीन ताहिर ने बताया कि 27 जनवरी को दोपहर दो बजे से तहखाने में मौजूद असली कब्रों पर संदल की रस्म अदा की जाएगी। मिलाद शरीफ और कव्वाली के साथ मुशायरा होगा। उर्स के आखिरी दिन 28 जनवरी को पूरे दिन चादरपोशी की जाएगी। कमेटी की ओर से हिंदुस्तानी सतरंगी चादर पेश की जाएगी। इसके अलावा मोतियों की चादर और फूलों की चादर भी चढ़ाई जाएगी। सुबह से शाम तक प्रवेश नि:शुल्क रहेगा, जबकि उर्स के पहले दो दिन दोपहर 2 बजे के बाद प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
रविवार से भीड़ प्रबंधन की चुनौती
रविवार के कारण ताजमहल पर सैलानियों की भीड़ रहती ही है। उर्स होने के कारण दोपहर बाद प्रवेश नि:शुल्क होने पर सैलानियों का सैलाब उमड़ सकता है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन करना सीआईएसएफ और एएसआई के लिए चुनौती भरा रहेगा। एएसआई ने अपने अन्य स्मारकों से कर्मचारियों को इन तीन दिनों के लिए ताज पर तैनात किया है। आगरा किला, सीकरी, एत्माददौला समेत स्मारकों से कर्मचारियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है ताकि ताज के पार्क और गुंबद पर भीड़ प्रबंधन में दिक्कतें न आएं।