असम के तिनसुखिया में आपरेशन के आखिरी दिन शनिवार को उग्रवादी हमले में शहीद हुए बिजौली गांव के सूबेदार मुल्तान सिंह तोमर का तिरंगे में लिपटा शव सोमवार की सुबह बाह पहुंचा तो उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। शहीद की वीरनारी सुमन देवी ने अपनी बेटी दीक्षा संग सेल्यूट कर अंतिम सलामी दी तो जय हिंद के घोष से समूचा वातावरण गूूंज उठा। यह नजारा देखने वालों की आंखों में गौरव और देश भक्ति के आंसुओं का सागर छलक पड़ा।
बाह के बिजौली गांव के पूर्व सैनिक उम्मेद सिंह तोमर के पुत्र मुल्तान सिंह तोमर (42) की यूनिट कुमायूं रेजीमेन्ट असम के तिनसुखिया में उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में लगी थी। शनिवार की सुबह वह अपने तीन साथियों के साथ शहीद हो गये। तिरंगे में लिपटा उनका शव रविवार रात आगरा एमएच पहुंचा। वहां से सुबह सेना उन्हें लेकर बाह पहुंची। जानकारी होने पर हर कोई शहीद मुल्तान सिंह के बिजौली स्थित घर की ओर दौड़ पड़ा। मैदान से लेकर गलियों, खिड़कियों, छतों तक लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। वीरनारी सुमन देवी ने रूंधे गले से सेल्यूट कर जय हिंद कहा। बेटी दीक्षा ने फफकते हुये मां की तरह जय हिंद बोला। इसके बाद हर ओर जय हिन्द और शहीद मुल्तान सिंह अमर रहे का घोष गूंज उठा। बाद में शव समाजवादी अभिनव विद्यालय के पास चिन्हित स्थल पर ले जाया गया। वहां अंत्येष्टि से पूर्व एडम कमांडेंट कर्नल संजीव द्विवेदी, स्टेशन कमांडेंट कर्नल बाबूराम, मेजर पीएस खतरी, मेजर वीरेन्द्र सिंह, कैप्टन सौरभ कुमार, कैप्टन बी शर्मा, कैप्टन राठौर, विधायक अरिदमन सिंह, पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा, एडीएम प्रशासन राजेश कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार देवेन्द्र सिंह यादव, सीओ बाह एनके चौधरी आदि ने शहीद को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्घांजलि दी। इसके बाद सेना और पुलिस ने सशस्त्र सलामी दी। मुखाग्नि पुत्र विनय सिंह ने दी।
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मां बोलीं, नाती-नातिन को भी सेना में भेजूंगी
बाह। शहीद मुल्तान सिंह की मां राजरानी देवी का जज्बा देखिये। शहीद बेटे के तिरंगे में लिपटे शव से लिपट गईं। बोलीं, नाती-नातिन को भी सेना में भेजूंगी। उनकी इच्छा सेना में जाकर मुल्तान सिंह की शहादत का बदला लेने की है। देश के लिए बेटे के बलिदान के बाद नाती नातिन को बार्डर पर भेजने के जज्बे को हर किसी ने सलाम किया। उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत पति उम्मेद सिंह की इच्छा पर तीनों बेटों बृजेश सिंह, मुल्तान सिंह और बहोरन सिंह को सेना में भर्ती कराया।
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वीरनारी के मायके में भी देशभक्ति की बयार
बाह। वीरनारी सुमन देवी के मायके खेड़ा राठौर में भाई धीरसिंह राठौर, बीएसएफ में एएसआई हैं। वह बाघा बार्डर पर तैनात हैं। जबकि बडे़ भाई देवपाल सिंह राजपूत रेजीमेन्ट से हवलदार के पद से रिटायर्ड हैं। वीरनारी का मायका और ससुराल देश की सेवा में है। देशभक्ति से ओतप्रोत सुमन देवी ने जय हिंद का सेल्यूट कर अपने सुहाग के बलिदान पर यही अंदाज दिखाया। शहीद को सेल्यूट करने के लिए उनकी बेहोशी टूटी। उन्होंने कहा कि वह बेटा-बेटी को सेना में भर्ती कराने के लिए पढ़ाई के साथ तैयारी भी कराएंगी।
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शहीद स्मारक और शहीद के नाम पर स्टेडियम की मांग
बाह। शहीद मुल्तान सिंह की याद में शहीद स्मारक बने और बिजौली की सड़क का नामकरण हो। स्टेडियम को शहीद का नाम मिले। हर जुबां पर यही शब्द थे। शहीद के परिवार ने शहीद स्मारक की बात उठाई। सरकार बलिदान की यादों को चिर स्थाई बनाये। विधायक अरिदमन सिंह ने परिजनों को ढांढस बंधाया। कहा कि प्रयास होगा स्टेडियम शहीद मुल्तान सिंह के नाम पर बने। पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा ने सरकार से शहीद स्मारक बनवाने और परिवार को नौकरी देने की मांग की। पूर्व सैनिक सेवा संगठन भदावर के प्रांतीय अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह भदौरिया ने एडीएम प्रशासन राजेश कुमार श्रीवास्तव से बिजौली की सड़क का नामकरण शहीद मुल्तान सिंह मार्ग कराने की मांग की।