घर में 23 नवंबर को शादी है। बैंक एकाउंट में पैसे भी हैं, लेकिन शादी की जरूरतों के लिए निकाल नहीं पा रहे। ढाई लाख रुपये निकालने के लिए डीएम से लेकर लीड बैंक मैनेजर तक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कैश फिर भी नहीं मिल रहा। ऐसे परिवार, जिनके घरों में शादी समारोह है, वह ढाई लाख रुपये के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन बैंक मैनेजर भुगतान को तैयार नहीं।
रिजर्व बैंक ने शादी वाले घरों में ढाई लाख रुपये नगदी निकालने की छूट दे रखी है। शादी का कार्ड आवेदन के साथ लगाकर लोग डीएम और लीड बैंक मैनेजर से साइन कराकर बैंक शाखा तो पहुंच रहे हैं, लेकिन मैनेजर उन्हें भुगतान नहीं कर पा रहे। चार दिनों से कैश न होेने के कारण कई ब्रांच में हाहाकार है। ढाई लाख रुपये तब मिलें, जब बैंक को चेस्ट से रकम मिले। यही नहीं, इसमें तकनीकी खामियां भी आ रही हैं। बैंक मैनेजरों के मुताबिक, सरकार के निर्देश के तहत बैंकों ने हर सप्ताह 24 हजार रुपये की निकासी की लिमिट बना रखी है। साफ्टवेयर इससे ज्यादा की रकम लेता ही नहीं। अब 2.50 लाख रुपये की निकासी की एंट्री करने पर साफ्टवेयर इसे स्वीकार ही नहीं कर रहा। इसके लिए साफ्टवेयर में ही बदलाव करने होंगे। जब तक यह बदलाव नहीं होते, तब तक शादी के लिए ढाई लाख रुपये की रकम निकल ही नहीं पाएगी।
अनुदान समझ मांगने आए 2.5 लाख रुपये
लीड बैंक आफिस पर सोमवार को आधा दर्जन ऐसे लोग भी शादी का कार्ड लेकर आए, जिनके एकाउंट में रकम ही नहीं थी। उन्होंने ढाई लाख रुपये की मांग की तो उनका एकाउंट जांचा गया। इन लोगों के मुताबिक, उन्हें लगा कि शादी के लिए केंद्र सरकार 2.5 लाख रुपये अनुदान दे रही है, इसलिए वे आ गए। लीड बैंक आफिस कर्मचारियों ने उन्हें समझाया कि अगर उनके एकाउंट में ढाई लाख रुपये जमा हैं तो ही उसे निकालने की अनुमति दी जा रही है। तब वे बैंक से गए।