फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुलासाः बावरिया गिरोह ने किया था बालिका से सामूहिक दुष्कर्म, भैंस चोरी करने आए थे बदमाश

Fri, 30 Aug 2019 12:06 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
विज्ञापन
सामूहिक दुष्कर्म की वारदात करने वाले बदमाशों को जेल ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पांच दिन पहल अवागढ़ क्षेत्र के एक गांव से बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने गुरुवार को तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश बावरिया गिरोह के सदस्य हैं।
विज्ञापन


बदमाश भैंस चोरी के उद्देश्य से कई दिनों से गांव में रेकी कर रहे थे। पीड़िता ने तीनों बदमाशों को पहचान लिया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया। 

पुलिस लाइन के बहुउद्देशीय हॉल में एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 25 अगस्त की रात थाना अवागढ़ के एक गांव से बदमाश 10 वर्षीय बालिका को उठा ले गए थे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: मासूम बच्ची को घर से उठा ले गए बदमाश, खेत में किया सामूहिक दुष्कर्म, हालत गंभीर

वारदात को करने वाले बदमाशों कलुआ खा निवासी भंडारगढ़ी थाना बरहन आगरा, इसरार निवासी धौर्रा थाना एत्मादपुर आगरा को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं वारदात में आरोपियों का साथी बदमाश आरिफ पुत्र चांद खां निवासी नदरई थाना कोतवाली व जिला कासगंज को भी गिरफ्तार किया गया है।

ये भी पढ़ें: बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के बाद फूटा महिलाओं का गुस्सा, घेरा थाना, थानाध्यक्ष से नोकझोंक

बदमाश बाबरिया गिरोह के हैं और पशु चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। पीड़ित बालिका के पड़ोस में एक भैंस की कई दिनों से बदमाश रैकी कर रहे थे। बदमाश भैंस को ही चुराने आए थे, लेकिन इत्तेफाक से भैंस किसी अन्य स्थान पर बांध दी गई।

ऐसे में बदमाशों को कुछ हाथ नहीं लगा तो वे बालिका को उठा ले गए।  बालिका ने भी दो ही बदमाशों के होने की बात ही थी। वहीं मंदिर के बाबा उल्फत सिंह तीन बदमाशों होने का पुष्टि कर रहा था।

पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि कलुआ और इसरार ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और तीसरा आरोपी आरिफ पहरेदारी कर रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। 
 

गांव ईखू से है बदमाशों को कनेक्शन
थाना अवागढ़ क्षेत्र के गांव ईखू से बदमाशों का कनेक्शन सामने आया है। यहां बंजारों को डेरों में आकर बाहर के बावरिया बदमाश रुकते हैं। ये तीनों बदमाश भी यहां पर आकर रुके थे।

यहां से क्षेत्र के गांवों में भैंसों की रैकी की जाती और इसके बाद पशुओं को चुरा लिया जाता है। बदमाशों ने बताया है कि बाहर से पशुओं को चुराकर भी ईखू में रखते थे और कई पशु एकत्रित होने पर बेचते थे।

सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के दौरान बदमाश कमर में रस्सी बांधे थे। यह बात पीड़ित बालिका ने अपने बयान में भी कही थी। बदमाश एक रस्सी साथ रखते थे, जिससे भैंस को मोहरी डाली जा सके। बदमाशों ने स्वीकार भी किया है कि रस्सी वारदात के समय साथ में थी। 
 
विज्ञापन

अवागढ़ पुलिस की मुश्किलें वारदात के बाद से बढ़ती जा रही थी। तीन टीमें बदमाशों की खोज में लगाई गई। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जाल बिछा दिया था।

शराब के ठेके पर बदमाशों ने दूसरे दिन जाकर शराब भी पी थी और वारदात की चर्चा भी थी। इसके बाद सीधे गांव ईखू पहुंचे। मुखबिर ने पुलिस को सटीक जानकारी दी और बदमाशों तक पहुंचने का रास्ता मिला। 

पुलिस ने वारदात के बाद 246 ऐसे नंबरों को ट्रेस किया जो संदिग्ध थे। इनमें से छह नंबरों की लगातार निगरानी की गई थी। इन नंबरों में एक नंबर आरिफ का था , जो दुष्कर्म की वारदात में शामिल न होकर रैकी के काम में लगा था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें