ये भी पढ़ें: बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के बाद फूटा महिलाओं का गुस्सा, घेरा थाना, थानाध्यक्ष से नोकझोंक
बदमाश बाबरिया गिरोह के हैं और पशु चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। पीड़ित बालिका के पड़ोस में एक भैंस की कई दिनों से बदमाश रैकी कर रहे थे। बदमाश भैंस को ही चुराने आए थे, लेकिन इत्तेफाक से भैंस किसी अन्य स्थान पर बांध दी गई।
ऐसे में बदमाशों को कुछ हाथ नहीं लगा तो वे बालिका को उठा ले गए। बालिका ने भी दो ही बदमाशों के होने की बात ही थी। वहीं मंदिर के बाबा उल्फत सिंह तीन बदमाशों होने का पुष्टि कर रहा था।
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि कलुआ और इसरार ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और तीसरा आरोपी आरिफ पहरेदारी कर रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
अवागढ़ पुलिस की मुश्किलें वारदात के बाद से बढ़ती जा रही थी। तीन टीमें बदमाशों की खोज में लगाई गई। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जाल बिछा दिया था।
शराब के ठेके पर बदमाशों ने दूसरे दिन जाकर शराब भी पी थी और वारदात की चर्चा भी थी। इसके बाद सीधे गांव ईखू पहुंचे। मुखबिर ने पुलिस को सटीक जानकारी दी और बदमाशों तक पहुंचने का रास्ता मिला।
पुलिस ने वारदात के बाद 246 ऐसे नंबरों को ट्रेस किया जो संदिग्ध थे। इनमें से छह नंबरों की लगातार निगरानी की गई थी। इन नंबरों में एक नंबर आरिफ का था , जो दुष्कर्म की वारदात में शामिल न होकर रैकी के काम में लगा था।