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मासूम से दरिंदगीः जज की टिप्पणी, बच्ची पर क्या गुजरी होगी.... कल्पना करना भी मुश्किल

Wed, 18 Dec 2019 12:11 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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Rape Victim - फोटो : Amar Ujala Graphics
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आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में पांच वर्ष पहले सात साल की मासूम बच्ची से उसी के घर की एक कोठरी में दरिंदगी करने वाले जूता कारीगर को अदालत ने आखिरी सांस तक कारावास की सजा सुनाई है।
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बच्ची की जीभ दांतों से काटकर अलग दी... उसके शरीर पर जगह जगह दांत गाढ़ दिए... नाखूनों से नोंचा... गला घोंटकर जान से मारने की कोशिश की... जूता कारीगर सिंधी की इस दरिंदगी पर जज वीके जायसवाल ने टिप्पणी की है, जब उसने इतनी छोटी उम्र की बच्ची के साथ इस प्रकार का घृणित कार्य किया होगा तो निश्चित रूप से उस पीड़िता पर क्या गुजरी होगी, सामान्य व्यक्ति इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता है।

बच्ची उसे मामा कहती थी। हालांकि वह सगा मामा नहीं था। उसने विश्वास के रिश्ते का फायदा उठाते हुए यह घिनौना काम किया। उसके कृत्य से बच्ची का जीवन प्रभावित हुआ, इतनी छोटी उम्र में उसे शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ा। वर्तमान समय में समाज में इस प्रकार की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
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नाबालिग बच्चियों की अस्मिता व इज्जत से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस अभियुक्त का कृत्य भी ऐसा ही है जिससे मान मर्यादा तार-तार होती है, तथा पूरा समाज व मानवता शर्मसार होती है।

समाज एवं देश में बच्चियों का अस्तित्व अक्षुण्ण बनाए रखना अपरिहार्य है। यह तभी संभव है जब इस प्रकार के जघन्य अपराध करने वाले दोषी व्यक्ति को कानून कड़ी से कड़ी सजा दे।

इस तरह सुनाई गई सजा
सिंधी को दुष्कर्म की धारा में आखिरी सांस तक कैद और एक लाख रुपये अर्थदंड, हत्या के प्रयास में सात साल कठोर कारावास और 50 हजार अर्थदंड, अंग भंग ( जीभ काटने ) की धारा में 10 साल कठोर कारावास और 75 हजार अर्थदंड, पॉक्सो एक्ट में पांच साल कठोर कारावास और 25 हजार अर्थदंड दिया गया। 
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