आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में पांच वर्ष पहले सात साल की मासूम बच्ची से उसी के घर की एक कोठरी में दरिंदगी करने वाले जूता कारीगर को अदालत ने आखिरी सांस तक कारावास की सजा सुनाई है।
बच्ची की जीभ दांतों से काटकर अलग दी... उसके शरीर पर जगह जगह दांत गाढ़ दिए... नाखूनों से नोंचा... गला घोंटकर जान से मारने की कोशिश की... जूता कारीगर सिंधी की इस दरिंदगी पर जज वीके जायसवाल ने टिप्पणी की है, जब उसने इतनी छोटी उम्र की बच्ची के साथ इस प्रकार का घृणित कार्य किया होगा तो निश्चित रूप से उस पीड़िता पर क्या गुजरी होगी, सामान्य व्यक्ति इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता है।
बच्ची उसे मामा कहती थी। हालांकि वह सगा मामा नहीं था। उसने विश्वास के रिश्ते का फायदा उठाते हुए यह घिनौना काम किया। उसके कृत्य से बच्ची का जीवन प्रभावित हुआ, इतनी छोटी उम्र में उसे शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ा। वर्तमान समय में समाज में इस प्रकार की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।