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मुसीबत : घर के सामने ‘दलदल’, तीन लाख लोगों का निकलना हुआ दूभर

Wed, 18 Nov 2020 12:12 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सीवर लाइन खोदाई के बाद सड़कों पर बहता पानी - फोटो : अमर उजाला
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सीवर लाइन की खोदाई के बाद शहर की सड़कें बारिश से दलदल में बदल गईं। 251 किमी लंबी सड़कों पर अमृत योजना के तहत सीवरेज नेटवर्क का काम किया जा रहा है। इसके कारण पश्चिमपुरी, बोदला सिकंदरा रोड, गढ़ी भदौरिया, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, आवास विकास कॉलोनी, बाग फरजाना, छीपीटोला तथा आगरा स्मार्ट सिटी के तहत ताजगंज के 9 वार्डों के एबीडी एरिया में पानी की पाइप लाइन और सीवर लाइन की खोदाई चल रही है। खोदाई के बाद मिट्टी न हटाने से पहले धूल उड़ने से प्रदूषण खतरनाक स्तर तक जा पहुंचा तो अब रविवार की बारिश के बाद कीचड़ और दलदल के कारण 3 लाख से ज्यादा लोग बेहाल हैं।
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स्मार्ट सिटी का एबीडी एरिया
फतेहाबाद रोड पर आगरा स्मार्ट सिटी के तहत पानी और सीवर की लाइनें बिछाई जा रही हैं। पानी की टंकी, बड़ी पाइप लाइन और घरों में कनेक्शन के लिए खोदाई का काम जारी है। ताजगंज के 9 वार्डों में इनका काम जारी है। सीवर और पानी की पाइप लाइन की खोदाई के कारण फतेहाबाद रोड, ताजगंज, ताजनगरी, शिल्पग्राम के पास के क्षेत्रों में बारिश के बाद दलदल हो गया। सीवर लाइन बिछाने के बाद यहां न तो मिट्टी हटाई और न ही खोदी गई सड़कों पर गिट्टियां बिछाई गई हैं। इससे दलदल बनने के कारण यहां 1.50 लाख लोग प्रभावित हैं।

पश्चिमपुरी में दो दिन में 40 हादसे
वेस्टर्न जोन में बिछाई जा रही सीवर लाइन के काम में सबसे ज्यादा लापरवाही पश्चिमपुरी, दहतोरा मोड़, ईंट मंडी रोड पर बरती जा रही है। सीवर लाइन बिछाने वाले कंपनी मनीषा प्रोजेक्ट्स की लापरवाही के कारण महज दो दिन में 40 हादसे दो पहिया वाहन सवारों के साथ हुए हैं। रविवार बारिश के बाद सोमवार और मंगलवार को कीचड़ में लगातार वाहन फिसले, जिनसे वाहन चालक चोटिल हुए है। फ्रेंड्स एन्क्लेव, सुलभपुरम, दहतोरा मोड़ की कॉलोनियों में घरों के सामने ही दलदल बना हुआ है, जहां से निकलने पर दो पहिया वाहन फिसल रहे हैं।
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दो दिन से क्लीनिक नही गया
दो दिन से क्लीनिक नहीं गया। घर के सामने ही कीचड़ और गड्ढे हैं। डर है कि कहीं कार फंस न जाए। घर से निकलने में ही डर लगता है कि जहां पानी भरा है, वहां गहरा गड्ढा न हो, जिसमें गिर जाएं। - अजय प्रकाश, चिकित्सक, पश्चिमपुरी

नहीं देख रहे जनप्रतिनिधि, अफसर
मंत्री, विधायक, सांसद, मेयर सब सीवर लाइन की खोदाई देखकर चेतावनी दे गए, लेकिन काम कैसे हो, इसकी मॉनीटरिंग कोई नहीं कर रहा। हम जैसे लाखों लोग 6 महीने से परेशान हैं, पर कोई जनप्रतिनिधि, अफसर इस लापरवाही को देख नहीं रहा। - सर्वेश सक्सेना, दहतोरा मोड़

नहीं हो रही मॉनीटरिंग
सीवर हो या पानी की लाइन, हर योजना में काम के लिए सब मानक तय हैं, लेकिन ठेकेदार अपनी लेबर, कॉस्ट कटिंग के लिए लापरवाही बरतते हैं। इनकी मॉनीटरिंग के लिए जवाबदेह इंजीनियर मौके पर कभी जाते नहीं या सांठगांठ के कारण आंखें बंद रखते हैं। केवल मॉनीटरिंग ठीक से हो, तो लाखों लोगों की दिक्कतें दूर हो जाएं। जवाबदेही के कारण दिल्ली में मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट के काम पता नहीं चलते और यहां ढिलाई के कारण मामूली लाइन की खोदाई लाखों लोगों की सेहत और जान पर भारी पड़ जाती है। - अशोक प्रकाश, इंजीनियर
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