फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: राजा की मंडी बाजार में नौवें दिन भी भरा गंदा पानी, नगर आयुक्त को घेरेंगे व्यापारी

Sat, 21 Nov 2020 12:29 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
सड़कों पर बह रही गंदगी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

आगरा में नौ दिन बाद भी राजा की मंडी बाजार में सीवर का पानी भरने की समस्या दूर नहीं हो पाई। नगर निगम के सफाई के दावों को झुठलाते हुए शुक्रवार शाम को बाजार में दुकानों के सामने फिर से गंदा पानी भर गया। नगर निगम ने नाले की सफाई के बाद जलभराव बंद कराने के लिए सीवर चैंबरों की सफाई के लिए वबाग कंपनी की मदद ली थी, लेकिन शुक्रवार शाम को सारे उपाय फिर फेल हो गए। नाले का पानी दुकानों के सामने भरा तो व्यापारियों ने दुकानों में ताले लगा दिए। शनिवार को व्यापारी नगर निगम परिसर में प्रदर्शन करेंगे और नगर आयुक्त निखिल टी. फुंडे का घेराव करेंगे। 

विज्ञापन


गुरुवार को अपर नगर आयुक्त ने स्थानी निदान के दावे किए और महज 24 घंटे बाद ही राजा की मंडी में और बदतर हालात हो गए। शुक्रवार की शाम को कीचड़ के साथ नाले की गंदगी बाजार में दुकानों के सामने भर गई, जिससे दुर्गंध के कारण व्यापारियों का दुकानों पर बैठना मुहाल हो गया। 


सड़क पर एक ओर नाले का बदबूदार पानी और दूसरी ओर सिल्ट और सड़क खोदाई का मलबा पड़ा हुआ है। ऐसे में ग्राहक भी राजा की मंडी का रुख नहीं कर रहे। व्यापारियों ने कहा है कि वह नगर निगम अधिकारियों को अपनी पीड़ा सुनाने के लिए शनिवार को जाएंगे और पूछेंगे कि आखिर नौ दिनों से नाले के गंदे पानी को रोकने के लिए उपाय क्यों नहीं किए जा रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

लोग कचरा डालना बंद नहीं कर रहे, हम कितनी बार सफाई करेंगे

अपर नगर आयुक्त केबी सिंह ने बताया कि राजा की मंडी बाजार में नाला बार-बार चोक हो रहा है। जब तक लोग कतरनें, कचरा, तबेलों की गंदगी डालना बंद नहीं करते, हम कितनी बार सफाई करेंगे। हर दिन हमारी टीम काम कर रही है। जैसे ही शाम को आते हैं, फिर समस्या हो रही है। 

कचरा-कतरन डालना भी तो निगम के अधिकारी ही रोकेंगे

राजा की मंडी के व्यापारी सन्नी राजपूत ने कहा कि नौ दिन हो गए, बाजार में नाले का गंदा पानी भरने की समस्या बनी हुई है। नगर निगम के इंजीनियर फेल साबित हो रहे हैं। यदि कचरा, कतरन डाली जा रही है तो उसे भी नगर निगम के ही अधिकारी ही रोकेंगे। आम जनता, व्यापारियों का तो इसमें कसूर नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें