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बेबसी : अपने घर के पास बह रहे सीवर भी साफ नहीं करा पा रहे पार्षद, बोले-सुनते नहीं अफसर

Fri, 11 Sep 2020 12:18 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

स्वच्छता सर्वेक्षण में भले ही आगरा 1 वें स्थान पर आ गया हो लेकिन पार्षदों की शिकायत यह है कि उनके घर के पास भी सफाई करने कर्मचारी नहीं आ रहे। नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत और धरना-प्रदर्शन के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनके पास कोई अधिकार नहीं है। अधिकार मिल जाएं तो वह अफसरों और कर्मचारियों से काम करा सकेंगे।
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पार्षद मनोज कुमार के घर की सड़क का हाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं पार्षद। जिन पर जिम्मेदारी है अपने क्षेत्र में सीवर, सफाई कराने और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को दिलाने की। लेकिन वार्ड तो छोड़िए, पार्षदों के घर के आसपास भी सफाई नहीं है। किसी के घर के बाहर कचरा पड़ा है तो किसी के घर के पास सीवर बह रहा है। 
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स्वच्छता सर्वेक्षण में भले ही आगरा 1 वें स्थान पर आ गया हो लेकिन पार्षदों की शिकायत यह है कि उनके घर के पास भी सफाई करने कर्मचारी नहीं आ रहे। नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत और धरना-प्रदर्शन के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनके पास कोई अधिकार नहीं है। अधिकार मिल जाएं तो वह अफसरों और कर्मचारियों से काम करा सकेंगे।

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हमारे पास कोई अधिकार नहीं है

हम नगर आयुक्त, मेयर से शिकायत कर रहे हैं, पर काम नही हो रहा। सदन में पास प्रस्ताव पर भी अधिकारी काम नहीं कर रहे। जिस दिन हमारे पास अधिकार आ जाएंगे, उस दिन हम अपने काम करा लेंगे। - शिरोमणि सिंह, पार्षद, घटिया आजम खां
 

पार्षद के घर के सामने बहता सीवर - फोटो : अमर उजाला
कोई सुन ही नहीं रहा तो हम क्या करें
चाहे सफाई हो या पानी की समस्या, हम बार-बार नगर निगम के अधिकारियों के पास जा रहे हैं। धरना दे चुके हैं लेकिन जब कोई सुनेगा ही नहीं तो हम क्या करें। मेयर और नगर आयुक्त से शिकायत के बाद भी काम ना हो तो आप बताएं क्या कदम उठाएं। - मिथिलेश, पार्षद, नाई की सराय  

महीनों चक्कर काटने पर होती है फाइल पास

महीने भर तक शिकायत करते हैं। तब कहीं जाकर सफाई होती है। निर्माण कार्य के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते हैं। तब कहीं कोई एक फाइल पास होती है। पार्षदों के पास कोई अधिकार नहीं है। - अब्दुल सलाम, पार्षद, नवलगंज 

तारीफ की सियासत क्षेत्र गंदा, पर सदन में वाहवाही
शहर में मुख्य मार्गों को छोड़ दें तो मलिन बस्तियों और गलियों में कूड़े के ढेर और बजबजाती हुई नालियां हैं। लोगों की शिकायतें लगातार आ रही है लेकिन क्षेत्र गंदा होने पर भी पार्षद आवाज नहीं उठा रहे। नगर निगम सदन का विशेष अधिवेशन सफाई के नाम पर बुलाया गया लेकिन कई पार्षदों ने अधिकारियों की तारीफों के पुल बांध दिए जबकि हकीकत में उनके क्षेत्र में गंदगी की जबरदस्त शिकायतें थी।   

नाई की मंडी के पार्षद मनीष धाकड के घर के बाहर लगा कूड़े का ढेर - फोटो : अमर उजाला
पब्लिक परेशान, इन्हें कोई शिकायत नहीं 
मेरे क्षेत्र में सबसे अच्छी सफाई हो रही है। मुझे कोई शिकायत नहीं है। स्मार्ट सिटी में होने से पानी की पाइप लाइन, सीवर की पाइप लाइन डाली जा रही हैं। जो सड़कें टूटी हैं, उन्हें भी स्मार्ट सिटी में बनाया जा रहा है। राधिका अग्रवाल, पार्षद, कटरा जोगीदास  

कमियां है पर सुधार हो रहा है
क्षेत्र में अच्छी सफाई हो रही है। उसी का नतीजा है कि आगरा 16वें स्थान पर आया है। कुछ कमियां है लेकिन उसमें सुधार हो रहा है।- अनिता खरे, पार्षद, नगला मोहन  

हर दिन उठता है कूड़ा
मेरे घर के पास जो डलाबघर है, वह 5 वार्डों का है। दोपहर में हर दिन कूड़ा उठता है। मेरे वार्ड में सफाई की कोई समस्या नहीं। - आशीष पराशर पार्षद, भोगीपुरा  
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दो-तीन दिन में हो जाती है कार्रवाई
हमें केवल नाली की सफाई ना होने की समस्या है। बाकी कूड़ा नियमित उठ रहा है। बारिश के दिनों में केवल जलभराव और ओवरफ्लो की समस्या है, जिसके लिए अधिकारियों से कह चुके हैं। वह शिकायत पर दो-तीन दिन में कार्रवाई करा देते हैं। - ज्ञानवती पार्षद,काजीपाड़ा  

लोग फेंक देते हैं कूड़ा
मेरे क्षेत्र में गंदगी के ढेर इसलिए लगे हैं क्योंकि लोग सफाई कराने के बाद भी कूड़ा फेंक देते हैं। यहां फैक्टरियां चलती हैं। टीले की सफाई कराने के बाद भी वहां कचरा पड़ा रहता है। बृहस्पतिवार को छुट्टी होने के कारण कूड़ा नहीं उठ पाया। - मनीष धाकड़ पार्षद, नाई की मंडी   

अधिकार मिलें तब सुनेंगे अधिकारी-कर्मचारी 

शहर में ज्यादातर पार्षदों की शिकायत यह है कि उनके पास अधिकार नहीं है। इसीलिए उनकी सुनवाई नहीं होती। उन्हें सफाई कर्मचारियों के सत्यापन का और उनकी हाजिरी का ही अगर अधिकार मिल जाएगा तो सफाई व्यवस्था में सुधार होने लगेगा। इसके अलावा हर वार्ड के लिए विकास कार्यों के लिए पैसे की सीमा तय कर दी जाए।
 
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