फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा में कोरोना : फिर टूटा रिकॉर्ड, 71 नए संक्रमित मरीज मिलने से आंकड़ा 3000 पार

Thu, 03 Sep 2020 11:13 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में बुधवार तक 3041 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 2444 लोग ठीक हो गए हैं। 107 की मौत हो चुकी है। 
विज्ञापन
आगरा में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3000 के पार पहुंच गया है। बुधवार को 71 नए कोरोना मरीज मिले। 24 घंटे में मिले मरीजों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पूर्व मंगलवार को 69 मरीज मिले थे।  

विज्ञापन


जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि बुधवार को 71 नए मरीज मिले हैं। इससे संक्रमितों का बढ़कर आंकड़ा 3041 हो गया है। इनमें 490 केस सक्रिय हैं। इनका उपचार चल रहा है। इनमें 270 मरीज होम आइसोलेशन में भर्ती हैं। 


बुधवार तक ठीक होने के बाद 2444 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। 107 संक्रमितों की मृत्यु हो चुकी है। 122638 लोगों के सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। जिले में संक्रमण की दर 2.48 फीसदी है। 
विज्ञापन


चार दिन में मिले 269 केस

कोरोना वायरस का ट्रेंड बदलने के बाद पिछले चार दिनों में 269 नए मरीज मिल चुके हैं। अब हर 21 मिनट में एक पॉजिटिव मिल रहा है। अधिकतर नए केस कंटेनमेंट जोन से आ रहे हैं। 188 कंटेनमेंट जोन एक्टिव हैं।

इन कॉलोनी में रोज मिल रहे मरीज

कोरोना वायरस का पहला हॉटस्पॉट क्षेत्र खंदारी रहा। इसके बाद संक्रमण आसपास की कॉलोनियों में भी फैला। अभी 188 कंटेनमेंट जोन एक्टिव हैं। इसमें आवास विकास कॉलोनी, बल्केश्वर, कमला नगर, खंदारी, हरीपर्वत क्षेत्र दयालबाग, नगला पदी, शाहगंज, विभव नगर, नगला बूढ़ी, जीवनीमंडी और ताजगंज में रोज मरीज मिल रहे हैं। 

इन कॉलोनियों में लगभग 1500 मरीज अब तक मिल चुके हैं, जो कुल मरीजों के लगभग आधे हैं। इन कॉलोनियें में परिवार में सामूहिक संक्रमण के मामले भी सबसे ज्यादा पाए गए हैं। स्वास्थ्य सर्वे प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि इन कॉलोनियों में रोज नए मामले आ रहे हैं। पॉश कॉलोनियां हैं, जिनमें व्यापारी, चिकित्सक, विदेश में पढ़ाई, व्यवसायिक गतिविधियां करने वाले अधिक हैं। 

गढ़ीमा में दो महिलाएं निकलीं पॉजिटिव

अछनेरा में स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को गढ़ीमा में जांच शिविर लगाया। कुल 57 लोगों की जांच हुईं। इस दौरान दो महिलाएं कोरोना संक्रमित मिलीं। जिसके बाद उनको एसएन कॉलेज भेजा गया। ग्राम प्रधान सुखवीर सिंह ने सैनिटाइजेशन कराया है। संक्रमित महिलाओं के मोहल्ले को सील किया गया है।

दफ्तरों में 50 फीसदी रह गए फरियादी, कर्मचारियों की उपस्थिति भी कम 

कोरोना संक्रमण को छह महीने हो गए लेकिन दफ्तरों में कामकाज सामान्य नहीं हो पाया है। जिस दफ्तर में रोज 100 फरियादी आते थे, अब 50 ही आ रहे हैं। कलक्ट्रेट में शिफ्ट में काम हो रहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारी होम आइसोलेशन और क्वारंटीन हैं। 20 फीसदी दफ्तर नहीं आ रहे। फरियादियों के लिए व्हाट्स एप नंबर, ई-मेल आईडी जारी की गई लेकिन यह व्यवस्था कामयाब नहीं हो पाई।

1. पुलिस : एसएसपी दफ्तर में घट गए फरियादी
एसएसपी दफ्तर में जनवरी और फरवरी के दौरान रोज औसतन 100 से 110 फरियादी पहुंचते थे। अब यह आंकड़ा 50 से 55 पर आ गया है। एसपी सिटी दफ्तर में संक्रमित मिल जाने के बाद यह बंद पड़ा है। यही स्थिति एडीजी और आईजी दफ्तर की है। यहां भी संक्रमित मिल चुके हैं। इस कारण 30 फीसदी तक स्टाफ नहीं आ रहा है। एसएसपी ने बताया कि जून-जुलाई के मुकाबले अगस्त में कामकाज काफी हद तक सामान्य हुआ है।

2. कलक्ट्रेट : 20 फीसदी कर्मचारी नहीं आ रहे 
जनवरी-फरवरी में हर दिन औसतन 80 फरियादी आते थे। अब संख्या 30 रह गई है। दफ्तरों में 80 फीसदी कर्मचारी आ रहे हैं। राजस्व न्यायालयों में सिर्फ गंभीर श्रेणी के मामले ही सुने जा रहे हैं। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि जनसुनवाई ऑनलाइन हो गई है। कोई भी अपने घर, मोबाइल फोन या साइबर कैफे से सीधे मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर सकता है। जरूरी काम से ही लोग अब आ रहे हैं। 
विज्ञापन

3. नगर निगम : 1000 की जगह अब आ रहे 100 लोग 
कोरोना संक्रमण से पहले नगर निगम में हर दिन 1000 से ज्यादा लोग पहुंचते थे। इनमें गृहकर जमा, एनओसी, जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने और डूडा कार्यालय में प्रधानमंत्री आवास योजना के फार्म जमा करने वालों की भीड़ रहती थी। कोरोना काल के दौरान नगर निगम कार्यालय में पॉजिटिव कर्मचारी मिलने के बाद से आने वालों की संख्या 100 रह गई है। मेयर नवीन जैन ने बताया कि नगर निगम ने ऑनलाइन सेवाओं को प्रोत्साहित किया है ताकि लोगों को आना ही न पड़े।

4. शिक्षा : अब तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं
स्कूल से लेकर कॉलेजों तक मेें अब तक प्रवेश प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है। परिषदीय विद्यालयों में 2.40 लाख छात्र-छात्राएं हैं। इन्हें व्हाट्स ग्रुप के माध्यम से पाठ्य सामग्री भेजी जा रही है। माध्यमिक शिक्षा में ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। सीबीएसई और आईसीएसई के स्कूलों में भी ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। हालांकि सभी विद्यार्थी इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सत्र 2019-20 परीक्षाएं तक नहीं हो पाई हैं। नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो सकी है।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें