तेल माफिया मनोज गोयल के सात पेट्रोल पंपों की एनओसी गुरुवार को प्रशासन ने निरस्त कर दी है। जिलाधिकारी गौरव दयाल ने एडीएम वित्त एवं राजस्व की रिपोर्ट पर कार्रवाई की है। गौरतलब है कि आगरा विकास प्राधिकरण मनोज गोयल के पांच पेट्रोल पंपों को पहले ही सील कर चुका है।
मथुरा रिफाइनरी से 100 करोड़ रुपये की तेल चोरी के मामले का सामना कर रहे मनोज गोयल के 2014 और 2017 के बीच आगरा में एस्सार कंपनी के सात पंप खुले। 2015 में सबसे अधिक तीन लाइसेंस जारी किए। पंपों की एनओसी में अग्निशमन विभाग, आपूर्ति विभाग, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एडीए, तहसील सहित कई विभागों की एनओसी लेनी पड़ती है। मथुरा में तेल चोरी के खुलासे के बाद जिलाधिकारी गौरव दयाल ने एमडीए वित्त को मनोज के पंपों की जांच करने के आदेश दिए। एडीएम वित्त राकेश कुमार मालपाणी ने सभी विभागों की एनओसी का सत्यापन किया तो पता चला कर मनोज गोयल ने कई तथ्य छुपाएं हैं और गुमराह करके एनओसी ली है। एडीएम वित्त ने एनओसी निरस्त करने की संस्तुति की थी। गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव दयाल ने सात पंपों की एनओसी रद कर दी है।
इन पेट्रोल पंपों की एनओसी हुई रद
- झलक फ्यूल रिटेल आउटलेट, गांधी नगर बाईपास रोड 04 अगस्त 2014 में जारी हुआ था लाइसेंस
- मां वैष्णो फ्यूल्स रिटेल आउटलेट तोता का ताल मदिया कटरा, 30 जून 2015 को जारी हुआ लाइसेंस
- कृषि सेवा केंद्र रिटेल आउटलेट, फतेहपुर सीकरी, 10 जुलाई 2015 को जारी हुआ लाइसेंस
- मनु फ्यूल रिटेल आउटलेट, मुगल रोड कमला नगर, 24 अगस्त 2016 को मिला लाइसेंस
- एमजी फ्यूल रिटेल आउटलेट, नुनिहाई, 11 नवंबर 2016 को जारी हुआ लाइसेंस
- एमजी छलेसर रिटेल आउटलेट, खंदौली रोड, 19 जनवरी 2017 को जारी हाउस लाइसेंस
- सूर्यम फ्यूल रिटेल आउटलेट मघटई बोदला रोड, 21 जुलाई 2015 को लाइसेंस जारी हुआ