फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: एआईजी स्टांप, सीएमओ सहित सात अफसर सबसे ज्यादा लापरवाह...जनसुनवाई का ये है हाल

Fri, 23 Jan 2026 12:29 PM IST
आगरा ब्यूरो अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

जनवरी में जारी रैंकिंग में प्रदेश के 75 जिलों में डीएम आगरा कार्यालय की 52वीं रैंक आई है। दिसंबर माह में 33 अधिकारियों ने जन शिकायतों का निस्तारण सही से नहीं किया।
विज्ञापन
आगरा जिलाधिकारी कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 जनसुनवाई को सरकार सुशासन का आधार मान रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से हर माह समीक्षा हो रही है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही जनसुनवाई को दागदार कर रही है। पिछले छह महीने से सात विभागों के अधिकारी सबसे ज्यादा लापरवाह बने हुए हैं। फीडबैक में सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी-स्टांप), मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), अपर नगर आयुक्त, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ), सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) और अधिशासी अभियंता विद्युत की कार्यप्रणाली से फरियादी सर्वाधिक नाखुश मिले हैं। सात अधिकारियों के लापरवाह रवैये के कारण जिलाधिकारी की रैकिंग खराब हो रही है।
विज्ञापन


जनवरी में जारी रैंकिंग में प्रदेश के 75 जिलों में डीएम आगरा कार्यालय की 52वीं रैंक आई है। दिसंबर माह में 33 अधिकारियों ने जन शिकायतों का निस्तारण सही से नहीं किया। निस्तारण आख्या स्पष्ट रूप से नहीं भरी गई। कई शिकायतों का तय समय सीमा में निस्तारण नहीं हुआ। इस वजह से 100 से अधिक संदर्भ डिफॉल्टर श्रेणी में दर्ज हुए हैं। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी अरविंद बंगारी आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, ब्लॉक, तहसील व अन्य माध्यमों से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की साप्ताहिक समीक्षा कर रहे हैं।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी नंद किशोर के विरुद्ध बाजरा किसानों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। प्रशासन की आरंभिक जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति शासन भेजी गई है। आईजीआरएस प्रभारी एवं एडीएम प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी ने बताया कि सात अधिकारियों का फीडबैक पिछले छह महीने में सबसे खराब रहा। इन विभागों की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की लापरवाही के कारण फरियादी असंतुष्ट हैं। ऐसे सभी अधिकारियों की रिपोर्ट शासन भेजी जा रही है।
विज्ञापन



जिले से ब्लॉक तक नहीं हो रही सुनवाई, नोटिस जारी
रिपोर्ट के अनुसार जिले से लेकर ब्लॉक स्तर तक के 33 अफसर जनशिकायतों का निस्तारण सही से नहीं करते। ब्लॉक स्तर पर खंदौली, खेरागढ़, शमसाबाद, बाह, फतेहाबाद और जगनेर के बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी एत्मादपुर, खंड शिक्षा अधिकारी एत्मादपुर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला स्तर पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, अधिशासी अभियंता आवास विकास परिषद, एआईजी स्टांप, डीआईओएस, महाप्रबंधक टोरेंट पॉवर, प्रबंधक दुग्ध उत्पादन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य आदि को नोटिस जारी हुए हैं।
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें