आगरा। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने विकास कार्यों और जनसुनवाई की रैंकिंग में गिरावट पर कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को सात विभागों के अफसरों से जवाब तलब किया है। समीक्षा में उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायतों पर असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
आयुक्त सभागार में हुई बैठक में बताया गया कि फरवरी की आईजीआरएस रैंकिंग में मंडल को प्रदेश में नौवां स्थान मिला है। आगरा को छोड़ अन्य जनपदों में शिकायतकर्ताओं के फीडबैक प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है। मंडलायुक्त ने सबसे खराब फीडबैक वाले सात विभागों में विद्युत, श्रम, बेसिक शिक्षा और वाणिज्य कर आदि के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
डैशबोर्ड रैंकिंग में मैनपुरी अव्वल, आगरा पिछड़ा
सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में मैनपुरी चौथे स्थान पर रहकर मंडल में अव्वल रहा, जबकि आगरा 58वीं रैंक के साथ काफी पिछड़ गया। मथुरा 41वें और फिरोजाबाद 30वें स्थान पर है। कमिश्नर ने अल्पसंख्यक कल्याण, ग्राम्य विकास और नमामि गंगे परियोजनाओं में खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, आयुष्मान कार्ड और मुख्यमंत्री आवास योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए।
परिवहन वसूली में आगरा-मथुरा फिसड्डी, बसों की फिटनेस जांचें
आगरा। कर-करेत्तर और राजस्व वाद की बैठक में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने राजस्व वसूली की समीक्षा की। परिवहन मद में आगरा और मथुरा की प्रगति सबसे कम मिलने पर उन्होंने आरटीओ को प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडल की सभी स्कूली बसों की फिटनेस की तत्काल सघन जांच की जाए। राजस्व वादों की समीक्षा में मंडलायुक्त ने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली 5-5 तहसीलों की सूची मांगी है। उन्होंने धारा 24, 34 और 80 जैसे लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। खनिज वसूली में लक्ष्य से पीछे चल रहे फिरोजाबाद और मैनपुरी को तत्काल सुधार लाने को कहा गया है। बैठक में चारों जिलों के जिलाधिकारी व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।