मंत्री ने बताया कि प्रदेश में निवेश बढ़ाने, व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 18 नवंबर को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक होने जा रही है। देश में दुनिया का 13 फीसदी जूता बनता है, लेकिन निर्यात महज 2.2 फीसदी है। इसे बढ़ाने के लिए ग्लोबल फुटवियर फैक्टरी के तौर पर देश को विकसित करेंगे। इसके लिए प्रदेश में फुटवियर पार्क, लेदर क्लस्टर्स, स्किल डेवलपमेंट सेंटर भी बनाने की योजना है।
टीटीजेड मामले पर उन्होंने उद्यमियों से सुझाव मांगते हुए भरोसा दिया कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार पैरवी में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि 2017 में लखनऊ और बनारस में ही एयरपोर्ट थे और केवल 24 उड़ानें थीं। अब यूपी 16 घरेलू और 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का पहला प्रदेश बनने वाला है।
मीट एट आगरा में आए 2871 उद्यमी
तीन दिवसीय मीट एट आगरा में नई मशीनें, उपकरण, चमड़ा, सिंथेटिक, सोल, फुटबेड समेत अन्य कंपोनेंट की 253 स्टॉल लगे हैं। इसमें जूता-चप्पल, बैग, सजावटी सामान, सीट कवर, जैकेट समेत कई तरह की उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए। पहले दिन 2871 उद्यमी आए। स्टॉलों पर जाकर उत्पाद, उपकरणों की जानकारी करते हुए बुकिंग भी कराई। 5254 विजिटर और 840 छात्र-छात्राओं ने भ्रमण करते हुए उद्योग, बाजार और स्वरोजगार के अवसर देखे।
विशिष्ट अतिथि चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार जालान ने कहा कि आगरा में बीते तीन साल से 3800 करोड़ रुपये के कारोबार और 2.54 करोड़ जोड़ी जूते तैयार किए जा रहे हैं। इसे बढ़ाने के लिए ईको सिस्टम और विदेशियों से नई तकनीक-डिजाइन के प्रशिक्षण की जरूरत है। संचालन डॉ. तरुण शर्मा ने किया। मेले में उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, एफमेक के महासचिव प्रदीप वासन, उपाध्यक्ष राजेश सहगल, राजीव वासन, कैप्टन एएस राणा, कुलबीर सिंह, चंद्रमोहन सचदेवा आदि मौजूद रहे।
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