कोरोना वायरस की महामारी में आगरा जिले के 30 लाख लोगों को प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना से राहत मिली। अप्रैल से अब तक हर महीने प्रति सदस्य को पांच किलो गेहं-चावल मुफ्त मिल रहा है। यह नवंबर में भी मिलेंगे।
जिले में 7.03 लाख परिवारों के राशन कार्ड हैं। इसमें 30 लाख लोग सदस्य हैं। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लगने के बाद कामकाज ठप होने पर कार्डधारकों के लिए प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना अप्रैल में शुरू की गई।
पहले यह योजना तीन महीने, जून तक थी। इसमें प्रति सदस्य को तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया गया। प्रति परिवार को एक किलो चना दिए गए। इसके बाद प्रधानमंत्री ने इस योजना को पांच महीने और बढ़ाते हुए नवंबर तक कर दिया।
इस योजना से कार्डधारकों को महीने में दो बार राशन मिलने लगा। महीने की पांच से 15 तारीख तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन मिलता था, जिसका दो रुपये प्रति किलो गेहूं और तीन रुपये प्रति किलो चावल के हिसाब से रुपये देने होते हैं।
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के महानगर अध्यक्ष सतेंद्र यादव ने बताया कि कोरोना में ऐसे तमाम परिवार थे, जिनके यहां अनाज की किल्लत थी, लेकिन सरकार की इस योजना से कार्डधारकों को भोजन के लिए राशन की परेशानी नहीं हुई।
प्रभारी डीएसओ विमल सिकरवार ने बताया कि अभी एक और महीने योजना के तहत निशुल्क राशन मिलेगा। आगे के लिए जो निर्देश आएंगे उनका पालन किया जाएगा।
योजना से बड़ी राहत मिली
जगदीशपुरा के प्रेम सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस में लॉकडाउन के वक्त लोगों के कामकाज ठप हो गए। उस वक्त प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना से बड़ी राहत मिली। इस योजना का अभी भी लाभ मिल रहा है।
खाने की परेशानी नहीं हुई
यमुनापार अनीता ने कहा कि गेहूं-चावल और एक किलो चना निशुल्क मिलने से खाने-पीने के सामान की परेशानी नहीं हुई। अगर राशन नहीं मिलता तो लॉकडाउन में बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाती।