विश्वविद्यालय में सात दिन से अंकतालिका, डिग्री, माइग्रेशन, ऑनलाइन सत्यापन, ऑनलाइन आवेदन समेत अन्य सेवाएं बंद पड़ी हैं। इससे विश्वविद्यालय में पेंडेंसी बढ़ गई है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सातवें दिन भी सर्वर ठप रहा। इससे विश्वविद्यालय का कामकाज बंद पड़ा है। इससे डिग्री-अंकतालिका और माइग्रेशन समेत अन्य कार्य की पेंडेंसी बढ़ गई है। सर्वर शुरू नहीं होने से छात्रों को डिग्री-अंकतालिका और माइग्रेशन नहीं मिल पा रहे हैं।
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विश्वविद्यालय में बीते बुधवार से सर्वर बंद पड़ा है। इसका संचालन करने वाली डिजीटेक्स टेक्नोलॉजीस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। इसके निदेशक डेविड मारियो डेनिस ने प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक के खिलाफ कमीशनखोरी की शिकायत की थी, जिसकी जांच एसटीएफ कर रही है। आरोप है कि उसका भुगतान नहीं होने के कारण एजेंसी ने सर्वर और कामकाज बंद कर दिया है। नई एजेंसी भी नहीं आई है। इस कारण विश्वविद्यालय में सात दिन से अंकतालिका, डिग्री, माइग्रेशन, ऑनलाइन सत्यापन, ऑनलाइन आवेदन समेत अन्य सेवाएं बंद पड़ी हैं। इससे विश्वविद्यालय में पेंडेंसी बढ़ गई है।
रोजाना दो हजार से अधिक छात्र विश्वविद्यालय से बिना समाधान के लौट रहे हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय में हर कार्य में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। सर्वर कई दिनों से बंद है, लेकिन कुलपति और कुलसचिव इसे संज्ञान में नहीं ले रहे हैं। इससे हजारों छात्रों का भविष्य पर बन आई है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि सर्वर चालू कराया जा रहा है, एक-दो दिन में शुरू हो जाएगा।