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सरकार का आदेश ठेंगे पर रख इन अफसरों ने खाई 'मलाई', अब मिलेगी जेल की हवा

Wed, 10 Jan 2018 03:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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जेल
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आगरा सिटी में नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करके निजी आवास बना लिए जाने के मामले में गिरफ्तार किए गए  एडीए के सेवानिवृत्त सहायक अभियंता संतोष कुमार जैन और ठेकेदार गोविंद राम को मंगलवार को जेल भेज दिया गया।
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विजिलेंस टीम ने दोनों को मेरठ स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया था। वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उधर इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए हैं।

मामला 1997 का है। नजूल की जमीन पर कब्जा होने पर शासन ने आदेश दिया था कि इन पर इमारत नहीं बनाई जाए। इसके बावजूद एडीए के अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदारों ने एक नहीं सुनी। ठेकेदारों से रिश्वत ली और इमारतें बनने दीं। बहुमंजिला इमारतें तक बना डालीं। इसकी जांच कराई गई। 2006 में कोतवाली में केस दर्ज करा दिया गया।
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नॉर्थ ईदगाह निवासी संतोष कुमार जैन को उनके आवास से और कोतवाली के खिरनी गली निवासी गोविंद राम को भी उनके आवास से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। जैन पर रिश्वत लेने और गोविंद पर अवैध निर्माण का आरोप है।
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इनके खिलाफ जारी हुए एनबीडब्लू

एडीए के तत्कालीन चार अधिशासी अभियंता  ओमप्रकाश, हरवंश लाल दुआ, बीके गोयल, राजवीर सिंह, दो सहायक अभियंता और शिव प्रताप सिंह, पांच तत्कालीन जेई केसी पाराशर, अजयवीर सिंह, जयपाल सिंह, शिव प्रताप सिंह, सतीश शर्मा और इसके अतिरिक्त गोविंदराम सहित छह ठेकेदार हैं। अब इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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