आगरा सिटी में नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करके निजी आवास बना लिए जाने के मामले में गिरफ्तार किए गए एडीए के सेवानिवृत्त सहायक अभियंता संतोष कुमार जैन और ठेकेदार गोविंद राम को मंगलवार को जेल भेज दिया गया।
विजिलेंस टीम ने दोनों को मेरठ स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया था। वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उधर इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए हैं।
मामला 1997 का है। नजूल की जमीन पर कब्जा होने पर शासन ने आदेश दिया था कि इन पर इमारत नहीं बनाई जाए। इसके बावजूद एडीए के अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदारों ने एक नहीं सुनी। ठेकेदारों से रिश्वत ली और इमारतें बनने दीं। बहुमंजिला इमारतें तक बना डालीं। इसकी जांच कराई गई। 2006 में कोतवाली में केस दर्ज करा दिया गया।
नॉर्थ ईदगाह निवासी संतोष कुमार जैन को उनके आवास से और कोतवाली के खिरनी गली निवासी गोविंद राम को भी उनके आवास से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। जैन पर रिश्वत लेने और गोविंद पर अवैध निर्माण का आरोप है।