दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल का दीदार चंद महीनों में ही महंगा हुआ है। प्रवेश टिकट तीन गुना महंगा हुआ है, वहीं चार गुना ज्यादा मुश्किलें बढ़ गई हैं। जैसे-जैसे ताज पर टिकट महंगा हुआ, वैसे-वैसे सैलानियों की दिक्कतें बढ़ती गईं।
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सैलानियों की सुविधाएं बढ़ाने में कम, एएसआई और एडीए टिकट महंगा करने में आगे रहे। अब फिर से टिकट बढ़ोतरी के प्रस्ताव के बाद पर्यटन संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
ताजमहल पर भारतीयों और विदेशी सैलानियों के लिए अलग-अलग टिकट साल 2000 में शुरू हुआ, जब एडीए ने पथकर के 500 रुपये वसूलने शुरू किए। तब पथकर के टिकट के साथ सैलानियों को सुविधा के रूप में शू कवर और पानी की आधा लीटर की बोतल नि:शुल्क दी गई।
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18 साल में ताज का टिकट विदेशियों के लिए दो गुना बढ़ गया, लेकिन सुविधाएं बढ़ी नहीं, बल्कि लगभग खत्म हो गई। ताजमहल की पार्किंग दूर है, ऐसे में सैलानियों को न तो गोल्फ कार्ट की ही सुविधा मिल रही है और न ही पीने के पानी की।
टायलेट की सुविधा भी बस कहने को है। ताजमहल में एक से डेढ़ घंटे की विजिट मानी जाती है, लेकिन अब वीक एंड में प्रवेश में ही तीन से चार घंटे लगते हैं और पूरे दिन में केवल ताज का दीदार ही संभव है।
ताजमहल मौजूदा दर प्रस्तावित दर
भारतीय 40 50
विदेशी 1000 1100
सार्क 530 540
चार गुना बढ़ी मुश्किलें
विदेशी सैलानियों को साल 2000 में 500 रुपये पथकर के वसूलते समय तय हुआ था कि शू कवर दिए जाएंगे, लेकिन विदेशी सैलानी शू क वर के बिना ही ताज पर नजर आते हैं। भीड़ में डस्टबिन से निकले और पुराने फटे हुए शू कवर विदेशियों को दिए जा रहे हैं।
पथकर की रकम से एडीए विदेशी पर्यटकों को 500 मिली की पानी की बोतल देता है, लेकिन एएसआई 500 रुपये के टिकट में सैलानियों को कोई सुविधा नहीं देता। पर्यटकों के लिए एएसआई की ओर से कोई सुविधा नहीं है।
सुरक्षा जांच कतार
ताज के तीनों गेटों पर सुरक्षा जांच कतार में भारतीयों के साथ विदेशी भी शामिल होते हैं, जबकि टिकट के एक हजार रुपये वसूले जाते हैं। सुरक्षा जांच कतार में वीक एंड और त्यौहारों पर दो से तीन घंटे का समय लगता है।
भारतीयों को ताज के अंदर एक से डेढ़ किमी लंबी कतार में लगना पड़ रहा है, वहीं विदेशी पर्यटकों को भारी भीड़ में गुंबद तक पहुंचने में मुश्किलें आती हैं। टिकट महंगा करने के बाद एएसआई ने कोई सुविधा नहीं दी और हर बार टिकट महंगा किए जा रहे हैं।
आगरा टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन का कहना है कि ताजमहल को एएसआई ने सोने का अंडा देने वाली मुर्गी समझ लिया है, जिसे अब हलाल किया जा रहा है। पर्यटकों को एक भी सुविधा नहीं दी गई, जबकि टिकट की कीमत कई गुना ज्यादा वसूली जा रही है।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन महासचिव संजीव जैन के अनुसार सुविधाएं बढ़ाई नहीं जा रही और पर्यटक ताज पर परेशान हैं। ऐसे में टिकट दर में बढ़ोतरी का कुछ महीनों में असर नजर आएगा। ताज से कमाई तो बढ़ जाएगी, लेकिन पर्यटन को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई नहीं हो पाएगी।