आगरा के थाना शाहगंज पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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प्रभारी निरीक्षक समरेश सिंह ने बताया कि कौशलपुर, दयालबाग निवासी वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि उनके ससुर श्रीनिवास गुप्ता की 3.5 करोड़ की संपत्ति थी। इसका धोखे से बैनामा करा लिया गया। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। पीड़ित ने एक साल पहले एसएसपी से शिकायत की थी।
इसके बाद अधिवक्ता राजीव दीक्षित, शाजिया बेगम और उसके पति मोहम्मद साबिर के खिलाफ 25 फरवरी 2022 को मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप में दलाल और रजिस्ट्रार कार्यालय के लोगों की संलिप्तता की बात कही गई। पुलिस ने मामले में विवेचना के बाद कार्रवाई की है। रविवार को एडीए हाइट्स के पास से अधिवक्ता राजीव दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया गया। वह न्यू आगरा स्थित राजीव नगर के निवासी हैं। उनके खिलाफ थाना छत्ता और न्यू आगरा में भी मुकदमे दर्ज हैं।